संस्कार और सनातन चेतना के संगम का केंद्र बनेगा एकौना, जून में होगा चार दिवसीय विराट गायत्री महायज्ञ
सिमरी प्रखंड का एकौना गांव आगामी दिनों में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। गांव स्थित काली मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले चार दिवसीय विराट गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव की तैयारियां रविवार से विधिवत शुरू हो गईं।


__ 108 देवकन्याओं के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भूमिपूजन, कलश यात्रा से लेकर दीप महायज्ञ तक होंगे कई धार्मिक आयोजन
केटी न्यूज/सिमरी
सिमरी प्रखंड का एकौना गांव आगामी दिनों में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। गांव स्थित काली मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले चार दिवसीय विराट गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव की तैयारियां रविवार से विधिवत शुरू हो गईं। आयोजन की शुरुआत भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम के साथ हुई, जिसमें 108 देवकन्याओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।भूमिपूजन से पूर्व गांव में विशाल ग्राम परिक्रमा निकाली गई। इसमें गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। धार्मिक नारों और वैदिक ध्वनियों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। कार्यक्रम का संचालन गायत्री शक्तिपीठ बक्सर के आचार्य रामानंद तिवारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।आयोजकों ने बताया कि 31 मई को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर पूरे क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना और लोगों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ना है।1 जून को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ महायज्ञ का शुभारंभ होगा। श्रद्धेय दंपत्तियों द्वारा यज्ञ में आहुतियां दी जाएंगी तथा वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का संदेश दिया जाएगा।

इसके बाद 2 जून को विशेष संस्कार महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पुंसवन, नामकरण, अन्नप्राशन, मुंडन, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत और गुरु दीक्षा जैसे विभिन्न वैदिक संस्कार कराए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि आधुनिक दौर में पारंपरिक संस्कारों को जीवित रखने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है।संध्या समय विराट गायत्री दीप महायज्ञ भी होगा, जिसमें हजारों दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की जाएगी। जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और पारिवारिक उत्सवों को भी वैदिक पद्धति से मनाने की व्यवस्था की गई है।

महायज्ञ का समापन 3 जून को पूर्णाहुति और महाप्रसाद वितरण के साथ होगा। इस अवसर पर शांतिकुंज से आए प्रतिनिधियों तथा क्षेत्रीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया जाएगा।आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। महायज्ञ को लेकर एकौना समेत आसपास के गांवों में धार्मिक उत्साह और तैयारी का माहौल देखा जा रहा है।

