वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य समापन
सिमरी प्रखंड के एकौना गांव में चार दिनों से चल रहे 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट एवं गायत्री शक्तिपीठ, बक्सर के मार्गदर्शन में 31 मई से 3 जून तक आयोजित इस धार्मिक महाआयोजन में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखा।


__ पूर्णाहुति, विशाल भंडारे और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा एकौना गांव, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ
केटी न्यूज/सिमरी
सिमरी प्रखंड के एकौना गांव में चार दिनों से चल रहे 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट एवं गायत्री शक्तिपीठ, बक्सर के मार्गदर्शन में 31 मई से 3 जून तक आयोजित इस धार्मिक महाआयोजन में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखा।महायज्ञ के अंतिम दिन सुबह से ही यज्ञ मंडप में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञाचार्यों के सान्निध्य में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूर्णाहुति संपन्न कराई गई। मंत्रोच्चार और हवन की सुगंध से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित कर विश्व शांति, मानव कल्याण, सुख-समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण की कामना की।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से लोगों में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता का भाव विकसित होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आध्यात्मिक आयोजनों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है, क्योंकि ये समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।महायज्ञ के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों, प्रवचनों और संस्कारों का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया। पूरे यज्ञ स्थल पर अनुशासन और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

समापन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सेवा में ग्रामीणों तथा स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ, बक्सर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी रामानंद तिवारी ने महायज्ञ में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं को आगामी 24 जून को आयोजित होने वाली गायत्री जयंती के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ, बक्सर आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का उद्देश्य आध्यात्मिक जागरण के साथ समाज निर्माण के कार्यों को गति देना है।महायज्ञ के सफल समापन के साथ एकौना गांव कई दिनों तक आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और सामाजिक एकता के संदेश से सराबोर रहा।

