तीन माह के आंदोलन के बाद खुलने की राह पर बक्सर की पूर्वी रेलवे गुमटी
बक्सर शहर के लोगों के लिए राहत की खबर है। करीब तीन महीने से बंद पूर्वी रेलवे गुमटी को दोबारा खोलने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने कदम बढ़ा दिया है। लगातार धरना-प्रदर्शन, रेल चक्का जाम, जनप्रतिनिधियों की पहल और न्यायालय की चौखट तक पहुंचे मामले के बीच रेलवे की ओर से गुमटी खोलने का आदेश जारी किया गया है। इससे शहरवासियों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में आवागमन की समस्या दूर होने की उम्मीद जगी है।
__ ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने से बढ़ी थी परेशानी, सांसद-विधायक की पहल और आंदोलन के बाद रेलवे ने जारी किया आदेश
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर शहर के लोगों के लिए राहत की खबर है। करीब तीन महीने से बंद पूर्वी रेलवे गुमटी को दोबारा खोलने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने कदम बढ़ा दिया है। लगातार धरना-प्रदर्शन, रेल चक्का जाम, जनप्रतिनिधियों की पहल और न्यायालय की चौखट तक पहुंचे मामले के बीच रेलवे की ओर से गुमटी खोलने का आदेश जारी किया गया है। इससे शहरवासियों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में आवागमन की समस्या दूर होने की उम्मीद जगी है।

दरअसल, नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज के चालू होने के बाद 30 मई को पूर्वी रेलवे गुमटी बंद कर दी गई थी। इसके बाद आवागमन पूरी तरह ओवरब्रिज के रास्ते कर दिया गया। लेकिन महज चार दिन बाद 4 जून को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा निर्मित संपर्क पथ के खंभा संख्या 14 और 15 के समीप पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद से ही लोगों की परेशानी बढ़ गई। ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त हिस्से की करीब तीन महीने बाद भी मरम्मत पूरी नहीं होने और रेलवे गुमटी बंद रहने से शहर के बड़े हिस्से के लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा था। इसी को लेकर आंदोलन शुरू हुआ।
__ सदन से सड़क और कोर्ट तक पहुंचा मामला

पूर्वी रेलवे गुमटी खोलने की मांग को बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने संसद में उठाया। वहीं सदर विधायक आनंद मिश्रा ने विधानसभा में मामला उठाने के साथ रेलवे के डीआरएम और रेल मंत्री से मुलाकात कर गुमटी खोलने की मांग की दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में 12 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ। 18 जुलाई को रेल चक्का जाम के आह्वान के बाद प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से वार्ता कर धरना 10 दिनों के लिए स्थगित कराया, लेकिन तय अवधि में गुमटी नहीं खुली। इसके बाद 30 जुलाई से आंदोलन फिर शुरू हुआ और 8 अगस्त को विभिन्न संगठनों के सहयोग से रेल चक्का जाम किया गया। मामले में कई लोगों पर प्राथमिकी भी दर्ज हुई।

इसके बाद आंदोलन का मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सरोज राजभर ने जनहित याचिका दायर कर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, रेल मंत्री, जीएम, डीआरएम और बिहार सरकार के प्रधान सचिव समेत 11 लोगों को पक्षकार बनाया।अब रेलवे के आदेश के बाद गुमटी खुलने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, आम लोगों के लिए आवागमन वास्तव में कब से शुरू होगा, यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
