संविधान संरक्षण पर संगोष्ठी, कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प
बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में बुधवार को “संविधान संरक्षण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के निर्देश और प्रदेश कांग्रेस के आदेश के तहत आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने की, जबकि शहर के अनेक शिक्षाविद, अधिवक्ता, समाजसेवी और व्यापारी वर्ग के लोगों की उपस्थिति रही।
-- डॉ. मनोज पांडेय की अध्यक्षता में विचार-विमर्श, अनेक बुद्धिजीवी व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में बुधवार को “संविधान संरक्षण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के निर्देश और प्रदेश कांग्रेस के आदेश के तहत आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने की, जबकि शहर के अनेक शिक्षाविद, अधिवक्ता, समाजसेवी और व्यापारी वर्ग के लोगों की उपस्थिति रही।

मुख्य वक्ता के रूप में एम.एम. कॉलेज के पूर्व शिक्षक डॉ. प्रो. श्यामजी मिश्रा को अंगवस्त्र, कांग्रेस दुपट्टा, गांधी टोपी और संविधान की प्रति भेंट कर आमंत्रित किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि 1950 में संविधान लागू होने के बाद कांग्रेस ने देश को स्थिर नेतृत्व प्रदान करते हुए संविधान की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद 11 आम चुनावों में कांग्रेस को मिले जनादेश ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूती दी। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदान को उन्होंने संविधान और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

डॉ. पांडेय ने बताया कि नरसिंहा राव सरकार द्वारा 73वें और 74वें संशोधनों के माध्यम से पंचायतों व नगर निकायों को संवैधानिक दर्जा मिला और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित हुआ। वहीं मनमोहन सिंह सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा तथा भूमि अधिग्रहण जैसे कानून संविधान की मूल भावना को मजबूत करने वाले कदम थे।वहीं, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य डॉ. प्रमोद ओझा ने कहा कि संविधान सभा में कांग्रेस के वैचारिक नेतृत्व और संख्या बल के कारण ही मजबूत संविधान संभव हो पाया। उन्होंने डॉ. अंबेडकर की चेतावनी का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की नीयत खराब होने पर बेहतरीन संविधान भी प्रभावहीन हो जाता है।

कार्यक्रम में संजय कुमार पांडे, वीरेंद्र राम, संजय दुबे, पप्पू दुबे, डॉ. सत्येंद्र ओझा, त्रिजोगी नारायण मिश्रा, कमल पाठक, साबिर हाशमी, अभय मिश्रा, पिंकी कुमारी, कुमकुम देवी, खुशबू कुमारी सहित सैकड़ों प्रतिभागियों ने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने संविधान की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास और आवश्यकता पड़ने पर बलिदान देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
