शिक्षा विभाग पर साइबर गिरोह का हमला: चार दिनों में आधा दर्जन शिक्षकों के मोबाइल-सोशल मीडिया हैक

अक्सर चर्चा में रहने वाला बक्सर का शिक्षा विभाग इन दिनों साइबर अपराधियों के निशाने पर है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों, सहायक शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन, जीमेल और सोशल मीडिया अकाउंट लगातार हैक किए जा रहे हैं। हैकर पीड़ितों के व्हाट्सऐप अकाउंट का इस्तेमाल कर उनके मोबाइल में सेव नंबरों पर मैसेज भेज रहे हैं और स्कैनर या क्यूआर कोड भेजकर रुपये की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा विभाग पर साइबर गिरोह का हमला: चार दिनों में आधा दर्जन शिक्षकों के मोबाइल-सोशल मीडिया हैक

-- व्हाट्सऐप पर स्कैनर भेजकर मांगे जा रहे रुपये, शिक्षकों से लेकर परिचितों तक को बना रहे निशाना

केटी न्यूज/बक्सर

अक्सर चर्चा में रहने वाला बक्सर का शिक्षा विभाग इन दिनों साइबर अपराधियों के निशाने पर है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों, सहायक शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन, जीमेल और सोशल मीडिया अकाउंट लगातार हैक किए जा रहे हैं। हैकर पीड़ितों के व्हाट्सऐप अकाउंट का इस्तेमाल कर उनके मोबाइल में सेव नंबरों पर मैसेज भेज रहे हैं और स्कैनर या क्यूआर कोड भेजकर रुपये की मांग कर रहे हैं।चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले चार दिनों में ही आधा दर्जन से अधिक शिक्षक इस साइबर गिरोह का शिकार हो चुके हैं। इससे शिक्षा विभाग में दहशत का माहौल है, जबकि शिक्षक वर्ग अब अपने परिचितों को सतर्क रहने की अपील कर रहे है।

-- 22 अप्रैल से शुरू हुआ हैकिंग का सिलसिला

जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल को डुमरांव राज हाई स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनुराग मिश्र का मोबाइल हैक हुआ। उन्होंने इस मामले की शिकायत बक्सर साइबर थाना में दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ती, उससे पहले ही जिले के कई अन्य शिक्षकों को भी अपराधियों ने निशाना बना लिया।सूत्रों के मुताबिक, अनुराग मिश्र से पहले बक्सर माध्यमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षक नेता और एमएलसी प्रतिनिधि ब्रजेश राय भी हैकिंग का शिकार हो चुके हैं।इसके बाद शुक्रवार को डुमरांव प्रखंड के मध्य विद्यालय अरियांव के प्रभारी प्रधानाध्यापक मधुसूदन ओझा, सिमरी प्रखंड के बड़का ढकाईच हाई स्कूल के शिक्षक दीपक कुमार को निशाना बनाया गया। शनिवार को मुंगाव हाई स्कूल के अजीम सर, शिक्षिका शांभवी कुमारी, सिमरी हाई स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका सीमा ओझा तथा डुमरांव के महारानी उषारानी बालिका प्लस टू विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षाकर्मी तेज नारायण पांडेय भी साइबर जाल में फंस गए।

-- ऐसे फंसाते हैं साइबर अपराधी

पीड़ित प्रभारी प्रधानाध्यापक अनुराग मिश्र ने बताया कि 22 अप्रैल की दोपहर करीब दो बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को शिक्षा विभाग से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए कहा कि “आपका जरूरी कागजात आया है, लेकिन लाने वाला व्यक्ति आपका स्कूल नहीं खोज पा रहा है। वह राजगढ़ के पास खड़ा है, आप इस नंबर पर बात कर लोकेशन बता दीजिए।”विश्वास में लेकर कॉलर ने उनसे कुछ नंबर डायल करवाए। जैसे ही उन्होंने नंबर डायल किया, उनका मोबाइल नियंत्रण से बाहर हो गया और कुछ ही देर में व्हाट्सऐप व अन्य अकाउंट हैक हो गए। इसके बाद उनके संपर्क में मौजूद लोगों से रुपये मांगने का सिलसिला शुरू हो गया।

-- व्हाट्सऐप से मांग रहे पैसे

हैकर पहले पीड़ित का व्हाट्सऐप कब्जे में लेते हैं, फिर संपर्क सूची में मौजूद लोगों को मैसेज भेजते हैं। कभी बीमारी, कभी इमरजेंसी और कभी फंसे होने का बहाना बनाकर रुपये मांगते हैं। कई लोग परिचित समझकर पैसा भेज भी चुके हैं।

-- क्या कहती है पुलिस

इस मामले में बक्सर साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी अविनाश कश्यप ने बताया कि जो शिकायतें मिल रही हैं, उनकी गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई कोड डायल न करें और ओटीपी या निजी जानकारी साझा न करें।

-- बचाव के जरूरी उपाय

किसी अनजान कॉलर पर तुरंत भरोसा न करें। ’र*#21र#, ’*401र# या किसी भी कोड को बिना जानकारी डायल न करें। व्हाट्सऐप पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें। किसी परिचित से रुपये मांगने वाला मैसेज आए तो पहले फोन कर पुष्टि करें। हैकिंग होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें।बक्सर में लगातार शिक्षकों को निशाना बनाया जाना इस बात का संकेत है कि साइबर गिरोह अब पढ़े-लिखे और भरोसेमंद वर्ग को भी टारगेट कर रहा है। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।