डेंगू पर सख्त हुआ जिला प्रशासन, सभी विभागों को समन्वित अभियान चलाने का निर्देश

बरसात के मौसम में डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने रोकथाम और नियंत्रण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) निहारिका छवि की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।

डेंगू पर सख्त हुआ जिला प्रशासन, सभी विभागों को समन्वित अभियान चलाने का निर्देश

__ डीडीसी निहारिका छवि की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समिति की बैठक, जलजमाव हटाने, फॉगिंग, लार्वा नष्ट करने और जनजागरूकता पर दिया गया विशेष जोर

केटी न्यूज/बक्सर

बरसात के मौसम में डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने रोकथाम और नियंत्रण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) निहारिका छवि की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू की वर्तमान स्थिति, बचाव की तैयारियों तथा विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।बैठक को संबोधित करते हुए डीडीसी ने कहा कि डेंगू से प्रभावी मुकाबला केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी विभागों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने नगर परिषद, नगर पंचायत, पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षा विभाग, जीविका, आईसीडीएस, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, वन विभाग, पशुपालन विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को आपसी समन्वय के साथ व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, कूलर, पानी की टंकियों, गमलों एवं अन्य जल संग्रहण स्थलों की समय-समय पर सफाई कराने तथा आवश्यकता के अनुसार लार्वीसाइडल दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों, पंचायतों और सामुदायिक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी देने पर विशेष बल दिया गया।स्वास्थ्य विभाग ने बैठक में बताया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डेंगू जांच किट, आवश्यक दवाएं, समर्पित डेंगू बेड, प्रशिक्षित रैपिड रिस्पॉन्स टीम तथा फॉगिंग मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। स्वास्थ्यकर्मियों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है और डेंगू का कोई भी संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल जांच, उपचार और प्रभावित क्षेत्र में नियंत्रण संबंधी कार्रवाई की जा रही है।

डीडीसी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि डेंगू नियंत्रण से जुड़ी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी संदिग्ध मरीज की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं तथा बुखार या डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देर किए निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जांच एवं उपचार कराएं।बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास और जनसहभागिता से ही डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।