लंबित राजस्व मामलों पर डीएम सख्त, एक सप्ताह में निष्पादन का अल्टीमेटम

समाहरणालय सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी साहिला ने लंबित मामलों और खराब प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि राजस्व कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिले के सभी अंचलाधिकारियों एवं संबंधित राजस्व पदाधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का सख्त निर्देश दिया गया।

लंबित राजस्व मामलों पर डीएम सख्त, एक सप्ताह में निष्पादन का अल्टीमेटम

__ खराब रैंकिंग वाले अंचलों पर जताई नाराजगी, मापी, दाखिल-खारिज और भू-लगान वसूली में तेजी लाने का निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

समाहरणालय सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी साहिला ने लंबित मामलों और खराब प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि राजस्व कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिले के सभी अंचलाधिकारियों एवं संबंधित राजस्व पदाधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का सख्त निर्देश दिया गया।जिलाधिकारी ने आगामी राजस्व शिविरों को लेकर कहा कि शिविर आयोजित होने से पहले ही आवेदकों से आवेदन प्राप्त कर लिया जाए और शिविर में उनके मामलों के निष्पादन की स्पष्ट सूचना उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक दौड़-भाग का सामना न करना पड़े।

बैठक में लंबित फार्मर रजिस्ट्री मामलों पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और उन्हें अविलंब निष्पादित करने का निर्देश दिया। साथ ही अंचलाधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर परिमार्जन पोर्टल पर लंबित सभी आवेदनों का एक सप्ताह के भीतर निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया।दाखिल-खारिज मामलों की समीक्षा के दौरान कई अंचलों में समय सीमा के बाहर लंबित आवेदनों की संख्या पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी लंबित मामलों का नियमानुसार निष्पादन एक सप्ताह के अंदर हर हाल में पूरा किया जाए।

बैठक में बक्सर, डुमरांव, सिमरी, नावानगर, केसठ और चौगाई अंचलों की रैंकिंग संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने खेद व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि प्राथमिकता वाले लंबित वादों का तेजी से निष्पादन कर रैंकिंग में सुधार लाया जाए।भूमि मापी की धीमी रफ्तार पर भी जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। बक्सर और ब्रह्मपुर अंचल में मापी कार्य की प्रगति कमजोर पाए जाने पर उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन कम से कम दो से तीन मामलों की मापी अनिवार्य रूप से कराई जाए और सभी लंबित मामलों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

भू-लगान वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को कार्य योजना बनाकर व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक राजस्व वसूली करने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज में तेजी लाने के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से समन्वय स्थापित करने को भी कहा।राजस्व महाअभियान के तहत प्राप्त आवेदनों की सुनवाई कर त्वरित निष्पादन का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को लैंड बैंक से संबंधित प्रतिवेदन निर्धारित प्रपत्र में जिला राजस्व शाखा को उपलब्ध कराने को कहा।

बैठक में न्यायालय से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। एमजेसी से संबंधित मामलों में चौगाई, डुमरांव, चौसा, बक्सर और सिमरी अंचलों को शीघ्र तथ्य विवरणी तैयार करने का निर्देश दिया गया। वहीं सीडब्ल्यूजेसी मामलों में भी संबंधित अंचलाधिकारियों को बिना देरी तथ्यात्मक प्रतिवेदन तैयार कर जमा करने को कहा गया।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि राजस्व कार्य सरकार की प्राथमिकता में है और इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।