आवास का सपना हुआ साकार, सात भूमिहीन परिवारों को मिली बंदोबस्ती की जमीन

चौसा प्रखंड के सिकरौल पंचायत के सात भूमिहीन परिवारों के लिए शनिवार का दिन नई उम्मीद लेकर आया। लंबे समय से आवासीय भूमि की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों को अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भूमि बंदोबस्ती का पर्चा प्रदान किया गया।

आवास का सपना हुआ साकार, सात भूमिहीन परिवारों को मिली बंदोबस्ती की जमीन

केटी न्यूज/चौसा

चौसा प्रखंड के सिकरौल पंचायत के सात भूमिहीन परिवारों के लिए शनिवार का दिन नई उम्मीद लेकर आया। लंबे समय से आवासीय भूमि की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों को अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भूमि बंदोबस्ती का पर्चा प्रदान किया गया। पर्चा मिलते ही लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी और उन्होंने सरकार तथा प्रशासन के प्रति आभार जताया।भूमि बंदोबस्ती का लाभ पाने वालों में अरुण कुमार गुप्ता, बीरन चौधरी, धनंजय चौधरी, वंदना देवी, कश्मीरिया देवी, राजमणि देवी एवं मीना देवी शामिल हैं। लाभार्थियों ने कहा कि अब उनके अपने घर का सपना पूरा होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। वर्षों से भूमि के अभाव में स्थायी आवास नहीं बना पाने की परेशानी अब दूर होती दिखाई दे रही है।

इस अवसर पर अंचलाधिकारी विजय प्रकाश ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र भूमिहीन परिवार आवासीय भूमि के अधिकार से वंचित न रहे। इसी लक्ष्य के तहत पात्र लाभार्थियों का चयन कर उन्हें भूमि बंदोबस्ती का पर्चा उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने लाभार्थियों से आवंटित भूमि का सदुपयोग करने और आवास सहित सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।अंचलाधिकारी ने कहा कि भूमि का स्वामित्व केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की मजबूत नींव है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्थायी आवास बनाने में सुविधा मिलेगी और उनका जीवन अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित हो सकेगा।

कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज पासवान, राजस्व पदाधिकारी उद्धव मिश्रा, राजस्व कर्मचारी कन्हैया प्रसाद गोंड़, प्रधान लिपिक विनोद कुमार सिंह सहित अंचल कार्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।