हड़ताल के बावजूद डुमरांव में नहीं थमी प्रशासनिक पहल, जनता दरबार में 9 भूमि विवादों की सुनवाई, 3 का मौके पर समाधान

सूबेभर में अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बीच भी डुमरांव अंचल कार्यालय परिसर में प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। शनिवार को आयोजित जनता दरबार में भूमि विवादों की सुनवाई कर यह संदेश दिया गया कि जनसमस्याओं के समाधान में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से ठप नहीं है। प्रभारी सीओ की अनुपस्थिति के बावजूद राजस्व कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन के समन्वय से जनता दरबार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

हड़ताल के बावजूद डुमरांव में नहीं थमी प्रशासनिक पहल, जनता दरबार में 9 भूमि विवादों की सुनवाई, 3 का मौके पर समाधान

केटी न्यूज/डुमरांव

सूबेभर में अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बीच भी डुमरांव अंचल कार्यालय परिसर में प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। शनिवार को आयोजित जनता दरबार में भूमि विवादों की सुनवाई कर यह संदेश दिया गया कि जनसमस्याओं के समाधान में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से ठप नहीं है। प्रभारी सीओ की अनुपस्थिति के बावजूद राजस्व कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन के समन्वय से जनता दरबार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।जनता दरबार का संचालन थानाध्यक्ष चंदन कुमार एवं थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में किया गया।

राजस्व कर्मचारी संजय कुमार की उपस्थिति में फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनी गईं और दोनों पक्षों को बुलाकर आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया गया।इस दौरान कुल 9 भूमि विवाद सामने आए। इनमें रैयती जमीन पर कब्जा, रास्ते को लेकर विवाद, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा पारिवारिक बंटवारे से जुड़े मामले प्रमुख रहे। फरियादी शंकर दयाल प्रसाद ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, जबकि प्रमोद कुमार ने घर के सामने स्थित सरकारी भूखंड पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। विशेश्वर पासवान ने पाटीदारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद की जानकारी दी।

वहीं रविशंकर गोंड ने जमीन खरीदने के बाद रास्ते को लेकर उत्पन्न विवाद से अधिकारियों को अवगत कराया।उपलब्ध अभिलेखों और दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर 3 मामलों का त्वरित निष्पादन मौके पर ही कर दिया गया, जिससे संबंधित फरियादियों को राहत मिली। दो मामलों में दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी, जिन्हें अगली तिथि के लिए लंबित रखा गया। शेष मामलों में जांच और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि जनता दरबार का उद्देश्य भूमि विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करना है, ताकि ग्रामीणों को न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विवादों के समाधान के लिए जनता दरबार का सहयोग लें और आपसी सहमति से समस्याओं का हल निकालें।