डुमरांव थाना में लंबित कांडों पर चली जवाबदेही की ‘क्लास’
जिले में बढ़ते लंबित कांडों और धीमी अनुसंधान प्रक्रिया को लेकर पुलिस महकमे ने अब सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मिशन अनुसंधान अभियान के तहत हेडक्वार्टर डीएसपी पंकज कुमार सिंह ने डुमरांव थाना पहुंचकर लंबित मामलों की गहन समीक्षा की।


__ मुख्यालय डीएसपी ने किया रिव्यू, दिए आवश्यक निर्देश
केटी न्यूज/डुमरांव
जिले में बढ़ते लंबित कांडों और धीमी अनुसंधान प्रक्रिया को लेकर पुलिस महकमे ने अब सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मिशन अनुसंधान अभियान के तहत हेडक्वार्टर डीएसपी पंकज कुमार सिंह ने डुमरांव थाना पहुंचकर लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर अनुसंधानकर्ताओं को कड़ी फटकार भी लगाई गई।डीएसपी ने थाने में दर्ज पुराने और गंभीर मामलों की फाइलें खुद खोलकर जांच की स्थिति देखी। उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं से सीधे सवाल-जवाब करते हुए स्पष्ट कहा कि कांडों के निष्पादन में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय होगी।निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने डीएसपी को विभिन्न लंबित मामलों, गिरफ्तारी की स्थिति और अनुसंधान की प्रगति की जानकारी दी। इस पर डीएसपी ने कई मामलों में अनुसंधान की गति तेज करने, फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी और समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए।डीएसपी ने कहा कि केवल औपचारिक जांच से अपराध नियंत्रण संभव नहीं है।

वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन, तकनीकी अनुसंधान और मजबूत केस डायरी ही अदालत में दोषियों को सजा दिला सकती है। उन्होंने विशेष रूप से पुराने मामलों को प्राथमिकता देकर निष्पादित करने तथा फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाने का आदेश दिया।निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की व्यवस्था, अभिलेख संधारण और कांड रिकॉर्ड का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। डीएसपी ने साफ कहा कि बेहतर पुलिसिंग का आधार मजबूत अनुसंधान है और इसी से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा कायम रहता है। मौके पर कई पुलिस पदाधिकारी और अनुसंधानकर्ता मौजूद रहे।

