जनगणना 2027 में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों से जवाब-तलब, आईटी प्रबंधक का वेतन स्थगित

जनगणना 2027 जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी साहिला ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। ऐसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित रहने, रुचि नहीं लेने और कार्य में सुस्ती दिखाने वाले कई अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया गया।

जनगणना 2027 में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों से जवाब-तलब, आईटी प्रबंधक का वेतन स्थगित

__ 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत स्वगणना का लक्ष्य, अनुपस्थित और उदासीन अफसरों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत

केटी न्यूज/बक्सर:

जनगणना 2027 जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी साहिला ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। ऐसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित रहने, रुचि नहीं लेने और कार्य में सुस्ती दिखाने वाले कई अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया गया।बैठक के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस बक्सर, जिला परियोजना पदाधिकारी जीविका तथा स्वास्थ्य विभाग के संबंधित पदाधिकारियों की अनुपस्थिति और कार्य के प्रति उदासीनता पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।

इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने कहा कि जब जिला स्तर के अधिकारी ही जिम्मेदारी नहीं समझेंगे तो निचले स्तर पर कार्य की गति प्रभावित होगी।सबसे कड़ी कार्रवाई आईटी प्रबंधक बक्सर पर हुई। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने और कार्य में अभिरुचि नहीं लेने के कारण जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण मांगते हुए अगले आदेश तक वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले को कड़ा संदेश माना जा रहा है कि जनगणना कार्य में अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।बैठक में प्रबंधक रोजगार जीविका को अविलंब स्वगणना से संबंधित डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि आंकड़ों के अभाव में किसी भी योजना की प्रगति संभव नहीं है।

उन्होंने सभी संबंधित प्रखंड स्तरीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर स्वगणना अभियान को तेज करने का आदेश दिया।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सहकारिता, कल्याण, उद्योग समेत अन्य सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर स्वगणना कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि हर विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करे और तय समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करे।डीएम ने 30 अप्रैल तक स्वगणना कार्य पूरा कर प्रमाण पत्र जिला जनगणना कोषांग में जमा कराने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समयसीमा का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में विभागवार प्रगति की रोजाना समीक्षा भी की जा सकती है।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने चार्ज अधिकारियों की सराहना भी की। जियो टैगिंग और सीमांकन के कार्य में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि इसी तरह जिम्मेदारी से काम किया जाए तो जिले में जनगणना अभियान समय पर और सफलतापूर्वक पूरा होगा।डीएम साहिला ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के वितरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सामाजिक विकास की दिशा तय करते हैं। इसलिए हर अधिकारी इसे प्राथमिकता के साथ लें।बैठक के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जनगणना कार्य में लापरवाही करने वाले और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। जिलाधिकारी के सख्त तेवर से साफ है कि बक्सर में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन अब पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतर चुका है।