महाअष्टमी पर ट्रकों के परिचालन से जाम में कराहता रहा डुमरांव, विरोध में पूजा समिति वालों ने किया सड़क जाम

महाअष्टमी पर मां दुर्गा के दर्शन की उमंग, पूजा-पंडालों में उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और शहर में उत्सव का माहौल रविवार को बदहाल यातायात व्यवस्था की भेंट चढ़ गया। डुमरांव की मुख्य सड़क पर बड़े वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा।

महाअष्टमी पर ट्रकों के परिचालन से जाम में कराहता रहा डुमरांव, विरोध में पूजा समिति वालों ने किया सड़क जाम

-- शांति समिति के फैसले और प्रशासनिक निर्देशों की खुली अनदेखी, श्रद्धालुओं की परेशानी पर सड़क पर उतरे लोग, सड़क पर नहीं थे ट्रैफिक जवान

केटी न्यूज/डुमरांव। 

महाअष्टमी पर मां दुर्गा के दर्शन की उमंग, पूजा-पंडालों में उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और शहर में उत्सव का माहौल रविवार को बदहाल यातायात व्यवस्था की भेंट चढ़ गया। डुमरांव की मुख्य सड़क पर बड़े वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। विडंबना यह रही कि मेला अवधि में भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने के निर्देश के बावजूद एनएच-120 पर सुबह के नौ बजे तक ट्रकों का आवागमन जारी रहा। इस दौरान कही भी ट्रैफिक या दशहरा मेला के लिए तैनात किए गए जवान दिखाई नहीं पड़े। इससे नाराज लोगों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर कुछ देर के लिए यातायात ठप कर दिया। 

सुबह से ही शहर की मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा था। देखते ही देखते जाम की स्थिति गंभीर हो गई। सुबह नौ बजे तक मुख्य सड़क पर महाजाम का नजारा बना रहा। इसका सबसे अधिक खामियाजा मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ा। पंडालों और मंदिरों तक पहुंचने में लोगों को काफी परेशानी हुई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारों के बीच आवागमन बाधित होने से आम राहगीर भी हलकान रहे।

-- निर्देश के बावजूद ट्रकों की आवाजाही से भड़का आक्रोश

जाम से परेशान लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सड़क पर विरोध जताया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। हालांकि, इस घटना ने दुर्गापूजा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था और निर्देशों के अनुपालन पर सवाल खड़े कर दिए।भाजपा नेत्री ओमज्योति भगत और वंदना भगत ने कहा कि शहर की मुख्य सड़कों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित हैं। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक लगाना जरूरी था। उन्होंने बताया कि शांति समिति की बैठक में भी मेला अवधि के दौरान ट्रकों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग उठाई गई थी। बैठक में सप्तमी से विजयादशमी तक डुमरांव में भारी वाहनों का प्रवेश बंद रखने की बात कही गई थी।

-- सजावट को नुकसान का भी खतरा, व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अनुमंडल प्रशासन ने शनिवार, सप्तमी तिथि से ही बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद महाअष्टमी की सुबह ट्रकों का शहर में प्रवेश जारी रहा। लोगों ने सवाल उठाया कि जब प्रशासन को भीड़ और पूजा-पंडालों की स्थिति की जानकारी थी, तो प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू क्यों नहीं कराया गया?शहर में पूजा-पंडालों को आकर्षक रोशनी और सजावट से संवारा गया है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से सजावटी लाइटों और अन्य व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रही। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि दुर्गापूजा के शेष दिनों में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से पूजा कर सकें और शहर को दोबारा जाम की स्थिति का सामना न करना पड़े।