डुमरांव में ‘रोशनी का केंद्र’ बना बुनियाद: मुफ्त नेत्र शिविर से बदल रही हजारों आंखों की दुनिया

डुमरांव में इन दिनों एक ऐसा केंद्र चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोगों को न सिर्फ आंखों की रोशनी मिल रही है, बल्कि उम्मीद की एक नई किरण भी दिखाई दे रही है। बुनियाद केंद्र में चल रहा नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर अब महज एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए “रोशनी का सहारा” बन चुका है।

डुमरांव में ‘रोशनी का केंद्र’ बना बुनियाद: मुफ्त नेत्र शिविर से बदल रही हजारों आंखों की दुनिया

__ हर दिन उमड़ रही भीड़, बच्चों से बुजुर्ग तक पा रहे जांच, चश्मा और बेहतर इलाज की राह

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव में इन दिनों एक ऐसा केंद्र चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोगों को न सिर्फ आंखों की रोशनी मिल रही है, बल्कि उम्मीद की एक नई किरण भी दिखाई दे रही है। बुनियाद केंद्र में चल रहा नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर अब महज एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए “रोशनी का सहारा” बन चुका है।23 मार्च से शुरू हुआ यह शिविर लगातार एक माह तक बिना रुके संचालित किया जा रहा है। खास बात यह है कि यहां किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए कोई रोक-टोक नहीं है। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे, कामकाजी युवा, गृहिणियां और बुजुर्ग सभी यहां पहुंचकर अपनी आंखों की जांच करवा रहे हैं। जरूरतमंदों को मौके पर ही मुफ्त चश्मा भी दिया जा रहा है, जिससे उनके चेहरे पर तुरंत खुशी झलकने लगती है।

__ हर दिन बढ़ रही भीड़, लोगों में जागरूकता का असर

शिविर में रोजाना दर्जनों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे गांवों और आसपास के इलाकों में इसकी जानकारी फैल रही है, वैसे-वैसे भीड़ भी बढ़ती जा रही है। खासकर वे लोग, जो आर्थिक तंगी के कारण कभी डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाते थे, अब यहां आसानी से अपनी जांच करवा पा रहे हैं।बुनियाद केंद्र के प्रबंधक डॉ. कश्मीरी चौधरी और फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम पूरी तत्परता से सेवा दे रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन कुमार और विजन सेंटर के जिला संयोजक संदीप कुमार के मार्गदर्शन में मरीजों को सटीक परामर्श और उपचार दिया जा रहा है।

__ त्योहार में भी नहीं थमी सेवा, सातों दिन खुला शिविर

इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है। यहां तक कि रामनवमी जैसे बड़े त्योहार पर भी सेवा जारी रही, जिससे कई लोगों को खास राहत मिली। लोग अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दिन आकर जांच करवा सकते हैं।

__ गंभीर मरीजों के लिए भी खास इंतजाम

जांच के दौरान जिन मरीजों में मोतियाबिंद या अन्य गंभीर समस्या पाई जा रही है, उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। इससे समय पर बेहतर इलाज मिल रहा है और मरीजों को भटकना नहीं पड़ रहा।

__सरकारी कमी के बीच बना सहारा

डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में लंबे समय से नेत्र विशेषज्ञ की कमी के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था, जो महंगा साबित होता था। ऐसे में यह शिविर खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल न सिर्फ इलाज दे रही है, बल्कि लोगों को आंखों के प्रति जागरूक भी बना रही है। बुनियाद केंद्र का यह प्रयास अब धीरे-धीरे पूरे इलाके में “उम्मीद की रोशनी” के रूप में पहचान बना रहा है।