बच्चों व मनोरोगियों के अधिकारों पर जोर, विधिक सेवाओं की दी गई जानकारी
आज विश्व के कई देशों में बच्चे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे बच्चों की ओर समाज और शासन का विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। इसी तरह मनोरोगी व्यक्तियों के साथ भी अक्सर दुर्व्यवहार, हिंसा और शोषण की घटनाएं सामने आती हैं, जिसके कारण उन्हें समाज में समानता और सम्मान नहीं मिल पाता।
-- चक्की प्रखंड के जीविका दीदी अधिकार केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
केटी न्यूज़/डुमरांव
आज विश्व के कई देशों में बच्चे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे बच्चों की ओर समाज और शासन का विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। इसी तरह मनोरोगी व्यक्तियों के साथ भी अक्सर दुर्व्यवहार, हिंसा और शोषण की घटनाएं सामने आती हैं, जिसके कारण उन्हें समाज में समानता और सम्मान नहीं मिल पाता। इन सभी वर्गों को न्याय, सम्मान और अधिकार दिलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बक्सर के मार्गदर्शन में चक्की प्रखंड स्थित जीविका दीदी अधिकार केंद्र पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मनोरोगी व्यक्तियों को उनकी विकलांगता के आधार पर भेदभाव किए बिना किसी भी अदालत, न्यायाधिकरण, प्राधिकरण, आयोग या अन्य न्यायिक मंच तक पहुंचने का अधिकार है। इसके लिए निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे अपने अधिकारों का प्रभावी ढंग से प्रयोग कर सकें। उन्होंने बालकों के अधिकारों के समुचित संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने बाल कल्याण से संबंधित सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा संबंधित विभागों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार नालसा की “बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं योजना-2024” के तहत लीगल सर्विस यूनिट फॉर चिल्ड्रेन एवं लीगल सर्विस यूनिट (मेंटल हेल्थ) के गठन की जानकारी भी दी गई। साथ ही बच्चों से जुड़े कानूनी और नीतिगत ढांचे पर प्रकाश डाला गया।पीएलवी नेहा कुमारी ने कहा कि बच्चों को विधिक सहायता प्रदान करना और उनके अधिकारों का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

प्रारंभ से ही बच्चों के अधिकारों के प्रति सजग रहकर उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाया जा सकता है। उन्होंने नई चेतना अभियान के माध्यम से लिंग आधारित भेदभाव और असमानता को कम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।कार्यक्रम में जीसीआरपी रीना कुमारी, सीएलएफ अध्यक्ष सुशीला देवी, पूजा देवी, संचिता कुमारी, गुड्डी देवी, इंद्रावती देवी, नीतू कुमारी, सुनैना देवी, विदेश्वरी देवी, विनीता पाण्डे, शैलेन्द्र राजू सहित कई महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

