पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, ड्यूटी से पहले जिंदगी की जंग हार गए एएसआई मुन्ना

जिस कंधे पर परिवार की जिम्मेदारियों के साथ वर्दी की ड्यूटी का बोझ था, वह कंधा मंगलवार की सुबह हमेशा के लिए शांत हो गया। नया भोजपुर थाना क्षेत्र के पुराना भोजपुर गांव निवासी बिहार पुलिस के एएसआई मुन्ना कुमार गोंड का गंभीर बीमारी के कारण सदर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया।

पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, ड्यूटी से पहले जिंदगी की जंग हार गए एएसआई मुन्ना

__ डायलिसिस पर चल रहा था इलाज, सदर अस्पताल में ली अंतिम सांस; 2006 में सिपाही बने थे, प्रमोशन के बाद मरांची थाने में थे तैनात

केटी न्यूज/डुमरांव।

जिस कंधे पर परिवार की जिम्मेदारियों के साथ वर्दी की ड्यूटी का बोझ था, वह कंधा मंगलवार की सुबह हमेशा के लिए शांत हो गया। नया भोजपुर थाना क्षेत्र के पुराना भोजपुर गांव निवासी बिहार पुलिस के एएसआई मुन्ना कुमार गोंड का गंभीर बीमारी के कारण सदर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे मुन्ना कुमार डायलिसिस पर थे। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।बताया जाता है कि सोमवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।

पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। पटना पीएमसीएच सहित कई निजी अस्पतालों में भी उनका उपचार कराया जा रहा था। करीब दो माह पहले बीमारी के कारण उन्होंने अवकाश लिया था।मुन्ना कुमार वर्ष 2006 में बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यवहार के कारण विभाग और आम लोगों के बीच उनकी अलग पहचान थी। आरा ट्रैफिक सहित कई थानों में सेवा देने के बाद प्रमोशन पाकर वे पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत मरांची थाना में एएसआई के पद पर कार्यरत थे।

__ पीछे छूट गए पत्नी और पांच बच्चे

मुन्ना कुमार अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन से पत्नी सीता देवी और पांच बच्चों की जिम्मेदारी अब बेहद कठिन परिस्थिति में आ गई है। उनके बच्चों में सबसे बड़े 14 वर्षीय भूपेंद्र कुमार के अलावा गणेश कुमार, लक्ष्मी कुमारी, दुर्गा और सरस्वती हैं। छोटे भाई शंकर गोंड राजमिस्त्री का काम करते हैं।इधर, सूचना मिलते ही नया भोजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कागजी प्रक्रिया शुरू की। पोस्टमार्टम को लेकर खबर लिखे जाने तक स्थिति स्पष्ट नहीं थी। थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि परिजनों की इच्छा के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि मुन्ना कुमार बेहद नेकदिल, मददगार और मिलनसार व्यक्ति थे। उनके निधन से गांव ने एक ऐसा इंसान खो दिया, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस होगी।