पूर्व सैनिकों के जीवन प्रमाण पत्र पर जोर, 50 सैनिकों व वीरांगनाओं को मिली राहत
बिहार राज्य इंडियन एक्स सर्विसमेन मूवमेंट, बक्सर की मासिक बैठक रविवार को मां मुंडेश्वरी अस्पताल स्थित सैनिक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान करीब 50 पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं का जीवन प्रमाण पत्र नि:शुल्क बनाया गया।

__ बक्सर में पूर्व सैनिकों की मासिक बैठक में पेंशन, साइबर ठगी और कैंटीन की समस्याओं पर हुई चर्चा; बेड पर पड़े सैनिकों के घर जाकर बनाया जाएगा लाइफ सर्टिफिकेट
केटी न्यूज/बक्सर।
बिहार राज्य इंडियन एक्स सर्विसमेन मूवमेंट, बक्सर की मासिक बैठक रविवार को मां मुंडेश्वरी अस्पताल स्थित सैनिक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान करीब 50 पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं का जीवन प्रमाण पत्र नि:शुल्क बनाया गया। वहीं, संगठन ने निर्णय लिया कि जो सैनिक बीमारी या अन्य कारणों से बिस्तर पर हैं और कार्यालय आने में असमर्थ हैं, उनके घर पहुंचकर जीवन प्रमाण पत्र बनाया जाएगा। संगठन की इस पहल से पूर्व सैनिकों में खुशी देखी गई।चेयरमैन मेजर डॉ. पीके पांडेय और जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट आरबी ओझा ने किया।

नवरात्र के प्रथम दिन आयोजित इस बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 120 पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं ने भाग लिया।बैठक को संबोधित करते हुए मेजर डॉ. पीके पांडेय ने सभी को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूर्व सैनिकों से आपसी प्रेम, सौहार्द और सैनिक एकता बनाए रखने की अपील की। साथ ही जरूरत के समय हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने पेंशन से संबंधित विभिन्न जानकारियां साझा कीं और पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर चर्चा की।जिला उपाध्यक्ष सूबेदार विद्यासागर चौबे ने सीएसडी कैंटीन की व्यवस्था और नियमों में सुधार की जरूरत उठाई।उन्होंने कहा कि कैंटीन में सामान की उपलब्धता इस तरह सुनिश्चित होनी चाहिए कि सभी सैनिकों को पर्याप्त समय तक जरूरी वस्तुएं मिल सकें और सामान जल्द खत्म होने से उन्हें परेशानी न हो।वहीं, जिला महासचिव कैप्टन श्रीनिवास ने साइबर ठगी के बढ़ते खतरे के प्रति पूर्व सैनिकों को सतर्क किया।

उन्होंने अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और धोखाधड़ी के तरीकों से सावधान रहने की सलाह दी, ताकि सैनिक और उनके परिजन साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें।बैठक में पूर्व सैनिकों की सुविधाओं, पेंशन संबंधी समस्याओं और संगठन की भूमिका पर भी विचार-विमर्श हुआ। अंत में राष्ट्रगान के साथ बैठक का समापन किया गया। सभापति कैप्टन बीएन पांडेय ने बैठक समाप्ति की घोषणा की।मौके पर सूबेदार आरबी सिंह, पेटी ऑफिसर सुरेंद्र सिंह, रामनाथ सिंह, द्वारिका पांडेय, ईश्वर दयाल सिंह, राम इकबाल सिंह, सिमरी प्रखंड अध्यक्ष शशिभूषण ओझा, राजपुर प्रखंड अध्यक्ष चंद्रजीत सिंह, सीताराम साहू, आरसी पाल, कन्हैया पांडेय, धनंजय दुबे, गणेश सिंह, कलावती देवी, सुशीला देवी, धर्मशीला देवी सहित सैकड़ों पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

