सिमरी के पूर्व प्रखंड प्रमुख की करंट लगने से मौत, पसरा मातम

बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के पांडेपुर गांव में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। पूर्व प्रखंड प्रमुख सत्यनारायण दुबे की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

सिमरी के पूर्व प्रखंड प्रमुख की करंट लगने से मौत, पसरा मातम

केटी न्यूज/सिमरी

बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के पांडेपुर गांव में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। पूर्व प्रखंड प्रमुख सत्यनारायण दुबे की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह सत्यनारायण दुबे अपने घर के पास टीन का करकट हटवाने का काम कर रहे थे। मजदूरों की मदद से जैसे ही करकट को हटाया जा रहा था, ऊपर से गुजर रही बिजली की तार टीन से सट गई। करंट लगते ही अफरातफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोग बचाव में जुट गए। इस दौरान सत्यनारायण दुबे और मजदूर मनोज पासवान (40 वर्ष), पिता शिवनाथ पासवान, दोनों करंट की चपेट में आ गए।

गंभीर रूप से झुलसे सत्यनारायण दुबे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जबकि मनोज पासवान को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल रेफर किया गया।

हादसे की खबर मिलते ही पूरे पांडेपुर गांव में मातम छा गया। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लोजपा (रामविलास) प्रत्याशी हुलास पांडे, राजद विधायक एवं ब्रह्मपुर विधानसभा प्रत्याशी शंभूनाथ सिंह यादव, अंगद सिंह यादव, जिला पार्षद प्रतिनिधि सुनील सिंह, सिमरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार पांडे, पडरी पंचायत के मुखिया दीप नारायण सिंह तथा दुलहपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बबन राम सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।

दोपहर लगभग 1:30 बजे केशोपुर हनुमान घाट पर गमगीन माहौल में सत्यनारायण दुबे का अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र विजय शंकर दुबे ने मुखाग्नि दी।इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली तारों की मरम्मत एवं सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।