लैंप पोस्ट की रोशनी से बैंकिंग जगत के शीर्ष पद तक, चौगाईं के ब्रजेश ने लिखी सफलता की मिसाल
कभी गांव की सड़कों पर लगे लैंप पोस्ट की रोशनी में पढ़ाई करने वाले चौगाईं के ब्रजेश कुमार सिंह ने आज अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर बैंकिंग क्षेत्र के सर्वोच्च पदों में शुमार मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का दायित्व हासिल कर नई प्रेरक कहानी रच दी है।

__ केनरा बैंक का सीईओ बन चौगाई के ब्रजेश ने बढ़ाया मान
केटी न्यूज/डुमरांव
कभी गांव की सड़कों पर लगे लैंप पोस्ट की रोशनी में पढ़ाई करने वाले चौगाईं के ब्रजेश कुमार सिंह ने आज अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर बैंकिंग क्षेत्र के सर्वोच्च पदों में शुमार मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का दायित्व हासिल कर नई प्रेरक कहानी रच दी है। केनरा बैंक में सीईओ पद पर उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।मंगलवार सुबह उनके पैतृक गांव चौगाईं में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और गाजा-बाजा के साथ खुशी का इजहार किया तथा एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। गांव के लोगों का कहना है कि ब्रजेश की सफलता पूरे इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

साधारण परिवार से आने वाले ब्रजेश कुमार सिंह के पिता स्वर्गीय सी.के. सिंह प्रशासनिक सेवा में अपर समाहर्ता के पद पर कार्यरत थे। सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े ब्रजेश ने कठिन परिस्थितियों को कभी अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और लगातार परिश्रम करते हुए सफलता की नई ऊंचाइयों को छू लिया।ग्रामीण बताते हैं कि छात्र जीवन में उन्होंने अभावों के बीच पढ़ाई की, लेकिन उनके आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। यही कारण है कि आज उनकी उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष और संकल्प की जीत के रूप में देखी जा रही है।

चौगाईं गांव का राजनीतिक और सामाजिक इतिहास भी गौरवशाली रहा है। इसी धरती ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार हरिहर सिंह, झारखंड के प्रथम वित्त एवं संसदीय मंत्री मृगेंद्र प्रताप सिंह तथा बिहार सरकार के पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह जैसे कई प्रमुख व्यक्तित्व दिए हैं। अब ब्रजेश कुमार सिंह का नाम भी इस गौरवशाली परंपरा में जुड़ गया है।ब्रजेश की उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि मजबूत इरादे, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर किसी भी कठिनाई को पार कर सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।

