लंबित मामलों पर गिरी गाज, सिकरौल थानाध्यक्ष निलंबित; एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप
पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने कार्यों में शिथिलता और लंबित मामलों के निष्पादन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सिकरौल थाना के थानाध्यक्ष अंकुश कुमार मंडल को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

केटी न्यूज/नावानगर
पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने कार्यों में शिथिलता और लंबित मामलों के निष्पादन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सिकरौल थाना के थानाध्यक्ष अंकुश कुमार मंडल को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। विभाग की ओर से जारी संक्षिप्त आदेश में निलंबन का कारण कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही बताया गया है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सिकरौल थाना में लंबे समय से कई मामलों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के अनुरूप नहीं हो पा रहा था। विभिन्न कांडों की विवेचना, शिकायतों के निस्तारण तथा लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना।

बताया जा रहा है कि थाने में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।पुलिस मुख्यालय और जिला स्तर पर समय-समय पर लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सक्रियता बरतने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई।हालांकि, विभाग ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस विशेष प्रकरण या समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर निलंबन का निर्णय लिया गया।

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।एसपी की इस कार्रवाई को पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और अनुशासन कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर तेज है और अधिकारी अपने-अपने थानों में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन में जुट गए हैं।

