20.5 करोड़ की परियोजना, फिर भी बदहाल रघुनाथपुर स्टेशन: गंदगी, जलजमाव और दूषित पानी से यात्रियों का सामना
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 20.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। करोड़ों रुपये की विकास परियोजना के बावजूद स्टेशन परिसर में गंदगी, प्लेटफॉर्म पर जलजमाव, दूषित पेयजल और बदहाल शौचालय जैसी समस्याएं यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।


__ अमृत भारत स्टेशन योजना की प्रगति के बीच बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने चेताया— जल्द सुधार नहीं हुआ तो होगा जनआंदोलन
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 20.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। करोड़ों रुपये की विकास परियोजना के बावजूद स्टेशन परिसर में गंदगी, प्लेटफॉर्म पर जलजमाव, दूषित पेयजल और बदहाल शौचालय जैसी समस्याएं यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ऐसे में विकास कार्यों की गुणवत्ता और रेलवे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।सबसे अधिक चिंता की बात स्टेशन परिसर में बने पेयजल स्थल की स्थिति है। यहां चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमित सफाई के अभाव में यात्रियों को अस्वच्छ वातावरण में पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का यह हाल है, तब यात्रियों की सुविधा के बड़े-बड़े दावे महज कागजी साबित हो रहे हैं।

बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन की स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। हल्की बारिश के बाद ही कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे यात्रियों के फिसलकर घायल होने का खतरा बना रहता है। प्लेटफॉर्म की सतह पर कई जगह दरारें उभर आई हैं और उनमें घास-फूस उग आई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इससे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। उनका मानना है कि यदि इसी दौरान किसी ट्रेन का आवागमन हो, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।स्टेशन के शौचालय भी बदहाल स्थिति में हैं। जगह-जगह प्लास्टर झड़ रहा है और साफ-सफाई का अभाव साफ दिखाई देता है।यात्रियों का आरोप है कि नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण स्टेशन की अधिकांश मूलभूत सुविधाएं उपेक्षा का शिकार बनी हुई हैं।रेलवे यात्री कल्याण समिति के सामाजिक कार्यकर्ता शैलेश कुमार ओझा ने दानापुर मंडल के डीआरएम, इंजीनियरिंग विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन रघुनाथपुर स्टेशन की वर्तमान स्थिति इस उद्देश्य के विपरीत दिखाई देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि यात्रियों को स्वच्छ पानी और साफ-सुथरा स्टेशन नहीं मिल पा रहा है, तो विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आखिर किसे मिल रहा है।अधिकारियों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है।स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान सामग्री की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद कुछ समय के लिए कार्य रोकना पड़ा था।ऐसे में विकास कार्यों की गुणवत्ता और उसकी निगरानी को लेकर भी लोगों के बीच असंतोष बना हुआ है।

गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रघुनाथपुर स्टेशन पर नया स्टेशन भवन, आधुनिक प्रतीक्षालय, पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, सौंदर्यीकरण और प्लेटफॉर्म विस्तार सहित कई सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इसके बावजूद यात्रियों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।रेलवे यात्री कल्याण समिति के रघुनाथपुर शाखा संयोजक शंभू चंद्रवंशी, डॉ. ललन मिश्रा, विनोद ओझा, विशाल सिंह, विकास पाराशर, राकेश कश्यप, मु. राजू, राहुल समेत कई स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि स्टेशन की समस्याओं का शीघ्र और स्थायी समाधान नहीं किया गया तो व्यापक जनभागीदारी के साथ आंदोलन शुरू किया जाएगा। लोगों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्टेशन पर साफ-सफाई, सुरक्षित वातावरण और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के रूप में ठोस कार्रवाई चाहिए।

