निर्माण एजेंसी की लापरवाही बनी जानलेवा, सड़क पर बिखरी गिट्टी-बालू से बढ़ा हादसों का खतरा
चौसा-बक्सर मुख्य मार्ग पर भैया-बहिनी पुल के समीप चल रहे पुलिया चौड़ीकरण कार्य में बरती जा रही लापरवाही अब राहगीरों की जान पर भारी पड़ने लगी है। निर्माण कार्य के लिए सड़क पर ही गिट्टी और बालू का ढेर लगा दिए जाने से यह व्यस्त मार्ग दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है।

__ भैया-बहिनी पुल के अंधे मोड़ पर एक सप्ताह में कई बाइक सवार हुए घायल, सुरक्षा इंतजाम नदारद; ग्रामीणों ने प्रशासन से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
केटी न्यूज/चौसा
चौसा-बक्सर मुख्य मार्ग पर भैया-बहिनी पुल के समीप चल रहे पुलिया चौड़ीकरण कार्य में बरती जा रही लापरवाही अब राहगीरों की जान पर भारी पड़ने लगी है। निर्माण कार्य के लिए सड़क पर ही गिट्टी और बालू का ढेर लगा दिए जाने से यह व्यस्त मार्ग दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान कई बाइक सवार फिसलकर घायल हो चुके हैं, लेकिन अब तक न तो निर्माण सामग्री हटाई गई है और न ही कोई प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।स्थानीय लोगों के अनुसार पुल के समीप पहले से ही अंधा मोड़ है, जहां वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों का स्पष्ट दृश्य नहीं मिल पाता।

ऐसे संवेदनशील स्थान पर सड़क के बड़े हिस्से में गिट्टी और बालू फैले होने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा कई गुना बढ़ गया है। रात के समय यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है, क्योंकि सड़क पर किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या संकेतक नहीं लगाया गया है।रविवार की रात कृतपुरा निवासी 35 वर्षीय रौशन कुमार इसी लापरवाही का शिकार हो गए। बाइक से गुजरने के दौरान उनकी गाड़ी गिट्टी पर फिसल गई और वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें तत्काल एक निजी क्लिनिक पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि बीते दिनों कई लोग इसी स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।

ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही यातायात को सुरक्षित रखने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। पंचायत समिति सदस्य बबन यादव, राजू चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से अविलंब सड़क पर फैली निर्माण सामग्री हटाने, चेतावनी संकेत लगाने तथा जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेताया कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यहां किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

