हिंसा से मानवता तक: अशोक के आदर्शों ने चौकियां में जगाई नई सोच
चौकियां गांव में सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह समाज को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायक मंच बन गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुद्धिजीवी और युवाओं की भागीदारी ने इसे खास बना दिया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने अपने संबोधन में सम्राट अशोक के जीवन के उस पहलू को सामने रखा, जो आज के दौर में सबसे अधिक प्रासंगिक माना जा रहा है।
__ जयंती समारोह में पूर्व विधायक ने युवाओं को दिया बदलाव और नैतिकता का संदेश, शांति व समरसता पर जोर
केटी न्यूज/डुमरांव
चौकियां गांव में सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह समाज को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायक मंच बन गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुद्धिजीवी और युवाओं की भागीदारी ने इसे खास बना दिया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने अपने संबोधन में सम्राट अशोक के जीवन के उस पहलू को सामने रखा, जो आज के दौर में सबसे अधिक प्रासंगिक माना जा रहा है।उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची शक्ति तलवार में नहीं, बल्कि विचार और व्यवहार में होती है।कलिंग युद्ध के बाद अशोक के जीवन में आया परिवर्तन केवल एक राजा का बदलाव नहीं था, बल्कि वह पूरी मानवता के लिए एक संदेश बन गया।

उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर धम्म और करुणा का मार्ग अपनाया, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।पूर्व विधायक ने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में जब समाज कई तरह की चुनौतियों से गुजर रहा है, तब अशोक के आदर्श हमें संतुलन और समझदारी का रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर बदलाव की क्षमता होती है और अगर वह सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े, तो समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है।उन्होंने यह भी कहा कि अशोक ने अपने शासनकाल में समानता, सहिष्णुता और लोककल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यही कारण है कि उनका शासन आज भी आदर्श शासन के रूप में याद किया जाता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन में अहिंसा, सत्य और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों को अपनाएं और एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी सम्राट अशोक के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन का माहौल पूरी तरह सकारात्मक और उत्साहपूर्ण रहा, जहां हर वक्ता ने शांति और भाईचारे को समाज की सबसे बड़ी जरूरत बताया।अंत में कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि समाज में आपसी विश्वास, सद्भाव और न्याय को मजबूत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

