नगर निकाय कर्मियों में रोष और शोक, अधिकारी की हत्या के विरोध में मौन श्रद्धांजलि
सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या की घटना को लेकर बुधवार को बक्सर जिले के नगर निकायों में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल देखा गया। बक्सर नगर परिषद तथा चौसा नगर पंचायत के कर्मचारियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
__ बक्सर व चौसा नगर निकायों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग, कर्मचारियों ने जताई चिंता
केटी न्यूज/बक्सर :
सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या की घटना को लेकर बुधवार को बक्सर जिले के नगर निकायों में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल देखा गया। बक्सर नगर परिषद तथा चौसा नगर पंचायत के कर्मचारियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।बक्सर नगर परिषद परिसर में आयोजित शोक सभा में चौसा नगर पंचायत के स्वच्छता पदाधिकारी मो. अरसद हैदर नकवी की अध्यक्षता में कर्मियों और अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक अधिकारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि जनसेवा से जुड़े अधिकारियों पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

कर्मचारियों ने कहा कि नगर निकायों में कार्यरत अधिकारी और कर्मी जनता के बीच रहकर विकास कार्यों को गति देते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। इस तरह की घटनाओं से कर्मचारियों में भय का वातावरण बनता है, जिसका असर विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।सभा में वक्ताओं ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। नगर निकाय कर्मियों ने प्रशासन से मांग की कि फील्ड में कार्य करने वाले अधिकारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

शोक सभा के अंत में दिवंगत अधिकारी के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की गई। साथ ही घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की गई।नगर निकाय कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा केवल एक विभाग का मुद्दा नहीं, बल्कि सुशासन और जनविश्वास से जुड़ा अहम विषय है, जिस पर गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है।

