सवालों की बरसात, जवाबों की चमक: डुमरांव पुलिस थाना बना ज्ञान का मंच
आमतौर पर जहां फरियादियों की आवाज सुनाई देती है, उसी डुमरांव थाने का परिसर इस बार सवाल-जवाब और तालियों की गूंज से भर उठा। बिहार पुलिस सप्ताह के तीसरे दिन गुरूवार को आयोजित क्विज प्रतियोगिता ने थाने को एक दिन के लिए ज्ञान के मंच में बदल दिया। प्रतियोगिता में 34 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिन्हें 17 जोड़ी में बांटकर 10 राउंड की कड़ी प्रतिस्पर्धा में उतारा गया।
-- बिहार पुलिस सप्ताह में डुमरांव थाने की अनोखी पहल, 10 राउंड में 170 प्रश्नों से गूंजी प्रतिस्पर्धा
केटी न्यूज/डुमरांव
आमतौर पर जहां फरियादियों की आवाज सुनाई देती है, उसी डुमरांव थाने का परिसर इस बार सवाल-जवाब और तालियों की गूंज से भर उठा। बिहार पुलिस सप्ताह के तीसरे दिन गुरूवार को आयोजित क्विज प्रतियोगिता ने थाने को एक दिन के लिए ज्ञान के मंच में बदल दिया। प्रतियोगिता में 34 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिन्हें 17 जोड़ी में बांटकर 10 राउंड की कड़ी प्रतिस्पर्धा में उतारा गया।हर राउंड में 10 प्रश्न पूछे गए और इस तरह कुल 170 सवालों ने प्रतिभागियों की तैयारी और आत्मविश्वास की परीक्षा ली।

चार विकल्पों वाले प्रश्नों में सही जवाब पर अंक मिले, जबकि गलत उत्तर देने पर आधे अंक की नेगेटिव मार्किंग ने प्रतियोगिता को और रोमांचक बना दिया। कठिन सवालों पर प्रतिभागियों का ठहरकर सोचना दर्शकों के लिए भी रोचक क्षण बन गया।इतिहास से लेकर विज्ञान, गणित, भूगोल, संविधान और समसामयिक विषयों तक प्रश्नों की विविधता ने प्रतियोगिता को व्यापक आयाम दिया। भारत के संविधान निर्माता कौन थे, हरित क्रांति का संबंध किससे है, प्रकाश का वेग किस माध्यम में सर्वाधिक होता है, पाइथागोरस प्रमेय किस आकृति से जुड़ा है, प्लासी और बक्सर का युद्ध कब हुआ, ऐसे सवालों ने विद्यार्थियों के ज्ञान को परखा।कार्यक्रम की अध्यक्षता थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने की। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, समय प्रबंधन और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण का महत्व समझाया।

उनका कहना था कि सफलता केवल पढ़ाई से नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सकारात्मक सोच से भी मिलती है। उन्होंने पुलिस और समाज के बीच बेहतर तालमेल को जरूरी बताया।प्रतियोगिता के संचालन और प्रश्न चयन में शिक्षक मिस्टर मनोज, शैलेन्द्र श्रीवास्तव और शुभम कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ जवाब देने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर एसआई सह अभया ब्रिगेड की मुख्य सदस्य प्रियंका कुमारी ने छात्राओं को विशेष रूप से जागरूक किया। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर साझा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत संपर्क करें।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को सोशल मीडिया से दूरी बनाने और मोबाइल का सीमित उपयोग करने की सलाह भी दी गई। साथ ही नशा न करने की शपथ दिलाई गई, ताकि युवा अपने भविष्य को सही दिशा दे सकें।प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी। बेहतर अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को शाहाबाद रेंज के डीआईजी सत्यप्रकाश और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के हाथों सम्मानित किया जाएगा।पुलिस सप्ताह के इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि संवाद, सहयोग और सकारात्मक पहल से थाना भी प्रेरणा का केंद्र बन सकता है।

