दशक भर का इंतज़ार खत्म: मई से चौसा आरओबी पर दौड़ेंगी गाड़ियां
चौसा-कोचस मार्ग पर रेलवे स्टेशन के पास 78 ए गेट के समीप बन रहा रेल ओवरब्रिज (आरओबी) अब आखिरकार आम लोगों के उपयोग के लिए तैयार होने जा रहा है। वर्षों से अधूरी पड़ी इस परियोजना को लेकर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, मई महीने से इस पुल पर वाहनों का आवागमन शुरू होने की पूरी संभावना है।
-- एप्रोच रोड लगभग तैयार, बचे हुए काम अप्रैल तक होंगे पूरे, जाम और जलजमाव से मिलेगी बड़ी राहत
केटी न्यूज/चौसा
चौसा-कोचस मार्ग पर रेलवे स्टेशन के पास 78 ए गेट के समीप बन रहा रेल ओवरब्रिज (आरओबी) अब आखिरकार आम लोगों के उपयोग के लिए तैयार होने जा रहा है। वर्षों से अधूरी पड़ी इस परियोजना को लेकर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, मई महीने से इस पुल पर वाहनों का आवागमन शुरू होने की पूरी संभावना है।

-- एप्रोच रोड का काम अंतिम चरण में
राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा बनाए जा रहे इस आरओबी के दोनों ओर के संपर्क पथ (एप्रोच रोड) का निर्माण कार्य अब अंतिम दौर में है। परियोजना पदाधिकारी ने बताया कि अप्रैल तक एप्रोच रोड पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।हालांकि, पुल के नीचे दोनों साइड कुछ कार्य शेष हैं, जिन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है।
-- क्यों हुई इतनी देरी
परियोजना पदाधिकारी अखिलेश कुमार के मुताबिक, इस आरओबी के निर्माण में तकनीकी कारणों और भूमि अधिग्रहण की समस्याओं ने बड़ा रोड़ा अटकाया। जिस कारण आरोबी का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण में बाधा, तकनीकी अड़चनें तथा समन्वय की कमी, इन कारणों से काम वर्षों तक अधूरा रहा, लेकिन अब इसे युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है।

-- 10 साल का सफर, एक नजर में
बता दें कि 2015 आरओबी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2018 मुख्य पुल संरचना तैयार कर लिया गया था। जबकि 2018-2025 तक एप्रोच रोड अधूरा था जिस कारण परियोजना लटकी रही। पुनः 2026 में काम में तेजी तथा मई से शुरू होने की उम्मीद है।
-- लोगों को क्या मिलेगा फायदा
इस आरओबी के चालू होने से चौसा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को कई बड़ी सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से छुटकारा, समय की बचत और तेज आवागमन, बरसात में कीचड़ और जलजमाव से राहत तथा व्यापार और स्थानीय आवागमन में सुधार का लाभ लोगों को मिलेगा।

-- बरसात में सबसे बड़ी परेशानी थी
आरोबी का निर्माण कार्य नहीं होने से अब तक रेलवे फाटक के आसपास बारिश के मौसम में जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बन जाती थी।जिस कारण राहगीरों को पैदल चलना मुश्किल हो रहा था। जबकि वाहनों की लंबी कतार तथा लोगों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता था। आरओबी चालू होने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।
-- स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
लंबे समय से अधूरी परियोजना को लेकर लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। कई बार प्रदर्शन और मांग के बाद अब जाकर काम में तेजी आई है।अब तय समय-सीमा सामने आने के बाद लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है।

-- गुणवत्ता और सुरक्षा पर जोर
परियोजना पदाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।करीब एक दशक से अधूरी पड़ी चौसा आरओबी परियोजना अब अपने अंतिम मुकाम पर है। अगर तय समयसीमा के अनुसार काम पूरा हुआ, तो मई से यह पुल न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी।

