मर्यादा के साथ कर्तव्य पालन ही जीवन का आधार: शैलेश जी महाराज
प्रखंड के दंगौली गांव स्थित राम जानकी मंदिर के 73वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को आयोजित कथा में शैलेश जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में मर्यादा के साथ कर्तव्य का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जन्म राक्षसों के संहार के लिए हुआ था और रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी ने राम जन्म के पांच मूल आधारों की चर्चा की है।
केटी न्यूज/केसठ।
प्रखंड के दंगौली गांव स्थित राम जानकी मंदिर के 73वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को आयोजित कथा में शैलेश जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में मर्यादा के साथ कर्तव्य का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जन्म राक्षसों के संहार के लिए हुआ था और रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी ने राम जन्म के पांच मूल आधारों की चर्चा की है।उन्होंने कहा कि व्यक्ति को हमेशा अच्छी संगति अपनानी चाहिए, जिससे उसका जीवन और समाज दोनों संस्कारित बन सके।

महाराज ने भगवान राम के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने मर्यादा की रक्षा हेतु पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया। कथा के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।वहीं, कार्यक्रम के व्यवस्थापक रामकिंकर सिंह उर्फ भिखारी सिंह के नेतृत्व में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के तहत मंगलवार को भगवान श्रीराम के छठियार के रूप में सोहर कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन-पूजन और भंडारा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

