बक्सर में गैस संकट की आहट: 26 हजार से ज्यादा बुकिंग लंबित, एजेंसियों पर प्रशासन सख्त

जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। एक ओर जहां उपभोक्ताओं की मांग लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर सप्लाई उस रफ्तार से नहीं हो पा रही, जिससे वितरण व्यवस्था पर दबाव साफ नजर आ रहा है। प्रभारी जिलाधिकारी निहारिका छवि की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह तस्वीर खुलकर सामने आई।

बक्सर में गैस संकट की आहट: 26 हजार से ज्यादा बुकिंग लंबित, एजेंसियों पर प्रशासन सख्त

__ औचक निरीक्षण में खुली गड़बड़ियां, बिना बुकिंग डिलीवरी और बढ़ते बैकलॉग पर नोटिस; शिकायतों के निपटारे के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय

केटी न्यूज/बक्सर:

जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। एक ओर जहां उपभोक्ताओं की मांग लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर सप्लाई उस रफ्तार से नहीं हो पा रही, जिससे वितरण व्यवस्था पर दबाव साफ नजर आ रहा है। प्रभारी जिलाधिकारी निहारिका छवि की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह तस्वीर खुलकर सामने आई।आंकड़ों के मुताबिक जिले में प्रतिदिन औसतन 6419 गैस सिलेंडर की मांग है, जबकि आपूर्ति महज 5772 सिलेंडर प्रतिदिन ही हो पा रही है। यही कारण है कि 26,707 रिफिल बुकिंग अभी तक लंबित हैं और बैकलॉग करीब 4.6 दिन तक पहुंच गया है। यह स्थिति उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है।

हालांकि 13 मार्च से 3 अप्रैल के बीच 1,03,213 सिलेंडरों का वितरण किया गया है, लेकिन इसके बावजूद मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर खत्म नहीं हो पा रहा। वर्तमान में गैस एजेंसियों के पास मात्र 3717 सिलेंडर का स्टॉक बचा है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तहत कुल 27 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इसके बावजूद वितरण में गड़बड़ियां सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। एक और दो अप्रैल को 62 गैस एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई अनियमितताएं उजागर हुईं।

सबसे गंभीर मामला बिना बुकिंग गैस सिलेंडर की डिलीवरी और तय समय से अधिक देरी का सामने आया। इस पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने सोनामति गैस एजेंसी और कुँवर ज्योति गैस एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ताओं के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।प्रशासन ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर भी कड़ी नजर बना रखी है। ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है, जो गैस सिलेंडरों की अवैध तरीके से बिक्री कर रहे हैं। अधिकारियों को लगातार फील्ड में उतरकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

उपभोक्ताओं के लिए भी नियम तय किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में अंतिम डिलीवरी के 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक करने की अनुमति है, ताकि सभी को समान रूप से आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।शिकायतों के निपटारे के लिए जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है। अब तक 709 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 613 का समाधान किया जा चुका है, जबकि बाकी पर कार्रवाई जारी है। उपभोक्ता 06183-223333 नंबर पर संपर्क कर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।

जिले में कुल 3,50,545 घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं, जबकि कमर्शियल कनेक्शन की संख्या भी अच्छी-खासी है। ऐसे में आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।प्रभारी जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एलपीजी या अन्य आवश्यक वस्तुओं को लेकर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।कुल मिलाकर, बक्सर में गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है, लेकिन बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के बीच संतुलन बनाना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।