बिहार दिवस पर डुमरांव में सजी साहित्य की महफिल, छात्रों की प्रतिभा और कवियों की वाणी ने बांधा समां
बिहार दिवस के अवसर पर डुमरांव के राज उच्च विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का दूसरा चरण सोमवार को पूरे उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान जहां एक ओर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कवियों के काव्य पाठ ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
__ राज उच्च विद्यालय में क्विज, वाद-विवाद और मूर्तिकला प्रतियोगिता के साथ भव्य कवि सम्मेलन, साहित्यकारों का हुआ सम्मान
केटी न्यूज/डुमरांव
बिहार दिवस के अवसर पर डुमरांव के राज उच्च विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का दूसरा चरण सोमवार को पूरे उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान जहां एक ओर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कवियों के काव्य पाठ ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।कार्यक्रम की शुरुआत क्विज, वाद-विवाद और मूर्तिकला प्रतियोगिताओं से हुई, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों की रचनात्मकता, तर्कशक्ति और कलात्मक अभिव्यक्ति ने उपस्थित लोगों को काफी प्रभावित किया। प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने हुनर से यह साबित कर दिया कि डुमरांव की युवा पीढ़ी प्रतिभा के मामले में किसी से कम नहीं है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य कवि सम्मेलन रहा, जिसकी अध्यक्षता जिले के वयोवृद्ध कवि और साहित्यकार पं. बद्रीनाथ दूबे ने की। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। बद्रीनाथ दूबे की भोजपुरी रामायण सहित कई महत्वपूर्ण कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं, और उनके अनुभव का लाभ कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।कवि सम्मेलन में मीरा सिंह “मीरा”, संजीव तिवारी, विमल कुमार सिंह, राजीव रंजन तिवारी, मुक्तेश्वर प्रसाद, सविता सिंह और पूर्णानंद मिश्र जैसे कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से जीवन, समाज और समकालीन मुद्दों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। कविताओं में कहीं भावनाओं की गहराई थी तो कहीं सामाजिक सरोकारों की झलक, जिसने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा।

कार्यक्रम का संचालन उच्च विद्यालय लाखनडीहरा के प्रधानाध्यापक विमल कुमार सिंह ने किया, जो स्वयं भी एक कुशल लेखक और कवि हैं। उनके सधे हुए संचालन ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और रोचक बनाए रखा।समापन के अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार ने सभी कवियों को मोमेंटो और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और कवियों व साहित्यकारों की भूमिका समाज के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देने की बात कही।विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनुराग मिश्र के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर शैलेंद्र पांडे, शिव जी दूबे समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

