दोपहर में बंद मिला स्वास्थ्य केंद्र, लेबर रूम में गंदगी; प्रभारी भी गायब

जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने और मरीजों को मुकम्मल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रशासनिक दावों की हकीकत औचक जांच में सामने आने लगी है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देश पर जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों की आठ प्रमुख बिंदुओं पर जांच शुरू की गई है।

दोपहर में बंद मिला स्वास्थ्य केंद्र, लेबर रूम में गंदगी; प्रभारी भी गायब

__ डीएम के निर्देश पर जिलेभर में 8 बिंदुओं पर चला औचक जांच अभियान, स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की खुली कलई

केटी न्यूज/डुमरांव

जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने और मरीजों को मुकम्मल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रशासनिक दावों की हकीकत औचक जांच में सामने आने लगी है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देश पर जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों की आठ प्रमुख बिंदुओं पर जांच शुरू की गई है। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पतालों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया। जांच में कहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ड्यूटी से गायब मिले तो कहीं दिन के डेढ़ बजे ही स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका मिला। साफ-सफाई और जरूरी उपकरणों की स्थिति ने भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

__ प्रभारी नदारद, लेबर रूम में गंदगी

डुमरांव डीसीएलआर टेश लाल सिंह ने ब्रह्मपुर प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रघुनाथपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ही ड्यूटी से गायब मिले। अस्पताल परिसर का जायजा लेने पर जगह-जगह गंदगी पसरी मिली। जर्जर भवन को भी रंग-रोगन और रखरखाव की जरूरत महसूस हुई। सबसे गंभीर स्थिति लेबर रूम की मिली, जहां सफाई व्यवस्था बेहद खराब थी। सवाल यह है कि सफाई मद में खर्च होने वाली राशि के बावजूद प्रसव कक्ष जैसी संवेदनशील जगह पर यह स्थिति कैसे बनी हुई है। हालांकि, अस्पताल में इलाजरत मरीजों ने दवाएं मिलने की बात कही। ईसीजी और एक्सरे मशीनें भी चालू हालत में मिलीं।

__ 1:30 बजे ही बंद मिला सेंटर

डुमरांव के कार्यपालक पदाधिकारी राहुलधर दुबे ने धरहरा गांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया। दोपहर करीब 1:30 बजे ही केंद्र पर ताला लटका मिला। इससे ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की नियमितता पर सवाल खड़ा हो गया। केंद्र के सामने पंचायत का सामुदायिक शौचालय भी अतिक्रमण की चपेट में मिला। शौचालय के दरवाजे पर ग्रामीणों द्वारा बकरी, गाय और भैंस बांध दिए जाने से वह उपयोग के बजाय पशुओं के तबेले में तब्दील नजर आया।

__ लाखंडीहरा में खराब मिला हीमोग्लोबिन मीटर

इसके बाद ईओ ने लाखंडीहरा स्वास्थ्य केंद्र की जांच की। यहां स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मिले और दवाएं भी उपलब्ध थीं। ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जांच की मशीनें काम कर रही थीं, लेकिन हीमोग्लोबिन मापने वाला मीटर खराब मिला। इससे मरीजों की रक्त जांच प्रभावित होने की स्थिति सामने आई।

जांच अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। निरीक्षण में अनुपस्थित मिले प्रभारी और बंद पाए गए स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मियों की जवाबदेही तय होने की संभावना है। अब देखना यह होगा कि जांच रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन कितनी सख्ती बरतता है।