आग से उजड़ा आशियाना: कृष्णापुरी की दलित बस्ती में नुकसान का दर्द, राहत की दरकार
नगर पंचायत के वार्ड संख्या 4 स्थित कृष्णापुरी की अनुसूचित जाति बस्ती में शनिवार की अहले सुबह लगी आग ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया। इस हादसे में एक मवेशी की जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। आग की चपेट में आने से झोपड़ी में रखा घरेलू सामान, अनाज और नगदी समेत हजारों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई।

केटी न्यूज/चौसा
नगर पंचायत के वार्ड संख्या 4 स्थित कृष्णापुरी की अनुसूचित जाति बस्ती में शनिवार की अहले सुबह लगी आग ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया। इस हादसे में एक मवेशी की जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। आग की चपेट में आने से झोपड़ी में रखा घरेलू सामान, अनाज और नगदी समेत हजारों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई।घटना के समय जनार्दन नट का परिवार पास की झोपड़ी में सो रहा था। अचानक उठी तेज लपटों और धुएं ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।

परिवार के लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने की कोशिश शुरू की और दो मवेशियों को बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक वे बुरी तरह झुलस चुके थे।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर मदद और संसाधन उपलब्ध होते, तो नुकसान को कम किया जा सकता था। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घनी आबादी वाली बस्तियों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं। संकरी गलियों और ज्वलनशील सामग्री से बनी झोपड़ियों के कारण ऐसी घटनाएं तेजी से फैलती हैं और भारी नुकसान पहुंचाती हैं।

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मुफस्सिल थाना के अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन किया जा रहा है।घटना के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुनर्वास और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से त्वरित राहत, मुआवजा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार फिर से अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।

