बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत से लेकर स्वास्थ्य तक पुख्ता इंतजाम के निर्देश
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला समन्वय समिति एवं आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियों के साथ जिले में चल रहे विकास कार्यों, न्यायिक मामलों और जनसुविधाओं की विभागवार समीक्षा की गई।

__ डीएम साहिला ने अधिकारियों को दिया अलर्ट मोड में काम करने का आदेश, चौगाईं-केसठ में डिग्री कॉलेज के लिए एक सप्ताह में मांगा भूमि प्रस्ताव
केटी न्यूज/बक्सर।
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला समन्वय समिति एवं आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियों के साथ जिले में चल रहे विकास कार्यों, न्यायिक मामलों और जनसुविधाओं की विभागवार समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ संवेदनशीलता और पूरी निष्ठा से कार्य करने का निर्देश दिया।बाढ़ प्रभावित अंचलों के लिए अधियाचना के अनुरूप पॉलीथिन शीट तत्काल आपदा शाखा को उपलब्ध कराने को कहा गया। प्रभावित गांवों में पर्याप्त मात्रा में पशु चारा उपलब्ध कराने तथा पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सकों की टीम गठित कर प्रतिनियुक्त करने का निर्देश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया गया।

वहीं, बाढ़ प्रभावित इलाकों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने तथा चिकित्सक एवं मेडिकल टीम गठित कर प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया।डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस को दिया। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति दुरुस्त करने और कर्मियों को पर्याप्त प्रशिक्षण देने को भी कहा गया।बैठक में अंचलाधिकारी चौगाईं और केसठ को एक सप्ताह के भीतर डिग्री कॉलेज के लिए उपयुक्त भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

चौसा नगर निकाय क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी नगर निकाय चौसा और कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल को समन्वय से तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।डीएम ने सभी अंचल अधिकारियों को लंबित ई-मापी मामलों का एक सप्ताह में निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सीडब्ल्यूजेसी/एमजेसी मामलों की समीक्षा के दौरान समय पर त्रुटिरहित तथ्य विवरणी तैयार करने को कहा गया। साथ ही विधि शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को लंबित मामलों वाले कार्यालयों से समन्वय कर एक सप्ताह में तथ्य विवरणी प्राप्त कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।अंत में डीएम ने सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने तथा आमजनों की समस्याओं का संवेदना, सम्मान और संपूर्ण निष्ठा के साथ समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

