शराब तस्करी पर कृष्णाब्रह्म पुलिस का शिकंजा

शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कृष्णाब्रह्म पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुरुवार की अलसुबह पटना-बक्सर एनएच 922 के किनारे कार्रवाई करते हुए एक हुंडई कार से 480 टेट्रा पैकेट अंग्रेजी शराब बरामद की। शराब को पुलिस की नजर से बचाने के लिए कार की अगली सीट के नीचे बाकायदा तहखाना बनाया गया था।

शराब तस्करी पर कृष्णाब्रह्म पुलिस का शिकंजा

__ कार में बना रखा था शराब का गुप्त ठिकाना, 480 टेट्रा पैकेट के साथ दो तस्कर धराए

__ सीट के नीचे तहखाना बनाकर छिपाई गई थी शराब, पूछताछ में तीसरे व्यक्ति का नाम सामने आने से जांच तेज

केटी न्यूज/कृष्णाब्रह्म।

शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कृष्णाब्रह्म पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुरुवार की अलसुबह पटना-बक्सर एनएच 922 के किनारे कार्रवाई करते हुए एक हुंडई कार से 480 टेट्रा पैकेट अंग्रेजी शराब बरामद की। शराब को पुलिस की नजर से बचाने के लिए कार की अगली सीट के नीचे बाकायदा तहखाना बनाया गया था। मौके से दो कथित तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ शराब लदी कार भी जब्त कर ली गई।पुलिस के अनुसार, गुरुवार की सुबह टीम एनएच 922 पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान बड़का ढकाइच में राम जानकी मंदिर जाने वाले रास्ते के समीप झाड़ी में एक संदिग्ध हुंडई कार खड़ी दिखाई दी।

पुलिस को देखते ही कार के पास मौजूद दो लोग भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर दोनों को दबोच लिया।इसके बाद कार की तलाशी ली गई तो अगली सीट के नीचे बने गुप्त तहखाने का खुलासा हुआ। तहखाना खोलते ही उसमें शराब के टेट्रा पैकेट भरे मिले। पुलिस ने सभी 480 पैकेट बरामद कर कार को जब्त कर लिया।गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सिमरी थाना क्षेत्र के केशोपुर निवासी भीम यादव और इटाढ़ी थाना क्षेत्र के खनिता निवासी विष्णु गुप्ता के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि दिया गांव निवासी विवेक राय के कहने पर कार में तहखाना बनाकर उसमें शराब छिपाई गई थी।

अब पुलिस विवेक राय की भूमिका की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।मामले में तीनों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों को आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।