उद्योग योजनाओं के तहत ऋण स्वीकृति व वितरण शिविर आयोजित
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण स्वीकृति एवं वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-2, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं भुगतान पत्र वितरित किए गए।

__ जिलाधिकारी ने कहा – योजनाओं का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर अधिक से अधिक लोगों को मिले रोजगार का अवसर
केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण स्वीकृति एवं वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-2, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं भुगतान पत्र वितरित किए गए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी साहिला ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र बक्सर तथा जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व सभी योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि लोगों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।जिलाधिकारी ने उपस्थित उद्यमियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बक्सर जिले की भौगोलिक स्थिति उद्योग एवं व्यापार के लिए काफी अनुकूल है। यहां सड़क और रेल मार्ग की बेहतर सुविधा उपलब्ध है, जिसके कारण जिले में उद्योगों के विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर सामूहिक प्रयास से बक्सर को उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाने का संकल्प लें और स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। इससे जिले और राज्य की आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति को गति मिलेगी।

इस अवसर पर महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र बक्सर ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा क्षेत्र में अधिकतम 20 लाख रुपये तथा विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों को 25 से 35 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्रों के लाभार्थियों को 15 से 25 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-2 के तहत ऐसे आवेदकों को ऋण दिया जाता है, जिन्होंने पहले प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-1 या मुद्रा ऋण योजना के माध्यम से बैंक से ऋण प्राप्त किया हो और जिनकी इकाइयां कम से कम तीन वर्षों से संचालित हो रही हों।

ऐसे लाभार्थियों को 15 प्रतिशत अनुदान के साथ एक करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।वहीं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की परियोजना पर 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। बताया गया कि इस योजना के क्रियान्वयन में बक्सर जिला वर्तमान में पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है।प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत नाव निर्माता, लोहार, हथियार बनाने वाले कारीगर, मूर्तिकार, खिलौना बनाने वाले, माला निर्माता तथा मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले कारीगरों को प्रशिक्षण के साथ दो चरणों में क्रमशः एक लाख और दो लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

शिविर के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत छह लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र तथा दो लाभार्थियों को राशि भुगतान पत्र प्रदान किए गए। वहीं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत आठ लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और 14 लाभार्थियों को राशि भुगतान पत्र वितरित किए गए। कुल मिलाकर 14 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति तथा 16 लाभार्थियों को भुगतान किया गया, जिसकी कुल राशि 161.93 लाख रुपये रही।शिविर में अपर समाहर्ता बक्सर, वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग), जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक, शाखा प्रबंधक तथा योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित थे।

