बक्सर में एलपीजी आपूर्ति पर सख्त निगरानी, कालाबाजारी पर होगी त्वरित कार्रवाई
जिले में एलपीजी आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में प्रधान सचिव, योजना एवं विकास विभाग बिहार सह प्रभारी सचिव बक्सर मंयक वरवडे़ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपूर्ति व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।


__ प्रधान सचिव की समीक्षा बैठक में निर्देश—स्टॉक की रोजाना जांच, अफवाह फैलाने वालों पर करें कड़ी कार्रवाई
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में एलपीजी आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में प्रधान सचिव, योजना एवं विकास विभाग बिहार सह प्रभारी सचिव बक्सर मंयक वरवडे़ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपूर्ति व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।प्रधान सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण करते हुए गैस एजेंसियों के स्टॉक की जांच सुनिश्चित करें।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिलती है तो संबंधित के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन की प्राथमिकता आम उपभोक्ताओं तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों को लेकर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया की सतत निगरानी की जाए और गैस सिलेंडर से संबंधित किसी भी तरह की अफवाह सामने आने पर उसका तत्काल खंडन किया जाए। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

बैठक में जिलाधिकारी साहिला ने जिले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तहत जिले में कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं।इनमें बक्सर अनुमंडल में 12 और डुमरांव अनुमंडल में 15 एजेंसियां शामिल हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 से 31 मार्च के बीच कुल 90,034 गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के बीच वितरित किए गए, जबकि 31 मार्च तक 4,541 सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है।जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि प्रशासन लगातार औचक निरीक्षण कर रहा है।

21 मार्च को एसडीओ बक्सर सदर द्वारा जांच के दौरान दो रेस्टोरेंट पहवा रेस्टोरेंट और संगम फैमिली रेस्टोरेंट पर घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 24 सिलेंडर जब्त किए गए। यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संकेत है।सूचना प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है।प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी और जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा प्रेस ब्रीफिंग की जा रही है, जिसमें गैस स्टॉक की स्थिति और फेक न्यूज का खंडन किया जाता है। इससे पारदर्शिता बनी हुई है और लोगों को सही जानकारी मिल रही है।रसोई गैस से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 16 मार्च से जिला आपातकालीन संचालन केंद्र में 24x7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

आम लोग अपनी समस्याएं यहां दर्ज करा सकते हैं।इसके अलावा जिले में सात “दीदी की रसोई” केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां जरूरत के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन केंद्रों के संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं है।प्रवासी श्रमिकों को लेकर भी प्रशासन सजग है। स्वेच्छा से लौटने वाले श्रमिकों की मॉनिटरिंग की जा रही है और श्रम अधीक्षक को सभी श्रमिकों का पंजीकरण करने का निर्देश दिया गया है।बैठक के अंत में स्पष्ट संदेश दिया गया कि एलपीजी, पेट्रोलियम पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन हर स्तर पर सतर्क है और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

