बक्सर में गैस आपूर्ति पर प्रशासन की सख्ती, कालाबाजारी पर शिकंजा
जिले में घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी रोकने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि बक्सर जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों के अंतर्गत कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरी करने वालों पर त्वरित कार्रवाई होगी।
__ 27 एजेंसियों से हो रही आपूर्ति, 1,111 शिकायतों में 1,056 का निपटारा, शादी-श्राद्ध के लिए अलग व्यवस्था लागू
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी रोकने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि बक्सर जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों के अंतर्गत कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरी करने वालों पर त्वरित कार्रवाई होगी।जिले में इंडियन ऑयल की 13, भारत पेट्रोलियम की 6 तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 8 एजेंसियां संचालित हैं। घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या भी बड़ी है।

इंडियन ऑयल के 2 लाख 2 हजार 360, भारत पेट्रोलियम के 57 हजार 517 तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 90 हजार 668 उपभोक्ता हैं।13 मार्च 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक जिले में कुल 1 लाख 72 हजार 693 गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा चुका है। वहीं 18 अप्रैल तक एजेंसियों के पास 2 हजार 835 सिलेंडर का भंडार शेष बताया गया है। जिले में प्रतिदिन औसतन 6 हजार 419 सिलेंडर की मांग है, जबकि प्रतिदिन औसतन 5 हजार 594 सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में 26 हजार 544 रीफिल बुकिंग लंबित हैं, जिससे लगभग 4.7 दिनों का बैकलॉग बना हुआ है।

प्रशासन ने वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए स्पष्ट नियम लागू किया है। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अंतिम सिलेंडर डिलीवरी के 25 दिन बाद तथा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद नया सिलेंडर बुक कराने की अनुमति दी गई है। इससे अनावश्यक बुकिंग और कृत्रिम संकट पर रोक लगेगी।एलपीजी गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सभी एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर वरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी तथा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी लगातार एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर रहे हैं। जो प्रतिष्ठान गैस सिलेंडर की कालाबाजारी या अवैध भंडारण में पकड़े जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अब तक जमाखोरी और कालाबाजारी के मामलों में बक्सर सदर अनुमंडल क्षेत्र में दो प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। 18 अप्रैल को जिले में 30 गैस एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी किया गया।जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। गैस आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए लोग दूरभाष संख्या 06183-223333 पर संपर्क कर सकते हैं। 18 अप्रैल तक नियंत्रण कक्ष में कुल 1 हजार 111 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 1 हजार 56 शिकायतों का त्वरित निपटारा कर दिया गया है, जबकि शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है।जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भी कड़ी नजर रखी है।

चेतावनी दी गई है कि गैस, पेट्रोलियम पदार्थ या आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।शादी-विवाह और श्राद्ध जैसे आयोजनों के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर की अलग व्यवस्था की गई है। रसोइया और कैटरर्स को पंजीकरण कराना होगा। जिस परिवार में विवाह है, उसे शादी कार्ड के साथ संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा, जिसमें सिलेंडरों की आवश्यकता और मेहमानों की संभावित संख्या बतानी होगी। उसी आधार पर तेल कंपनियों से गैस उपलब्ध कराई जाएगी।अब तक बक्सर अनुमंडल में 157 तथा डुमरांव अनुमंडल में 153 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की गैस आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।

