आईटी भवन निर्माण के लिए कई कार्यालय जमींदोज, वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में विभागों पर संकट

प्रखंड मुख्यालय में 36 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आईटी भवन के निर्माण के लिए कई पुराने सरकारी कार्यालयों को ध्वस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद कई विभागों के समक्ष कार्यालय संचालन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लाखों और करोड़ों रुपये की लागत से बने भवन अब पूरी तरह से टूट चुके हैं।

आईटी भवन निर्माण के लिए कई कार्यालय जमींदोज, वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में विभागों पर संकट

केटी न्यूज/चौसा

प्रखंड मुख्यालय में 36 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आईटी भवन के निर्माण के लिए कई पुराने सरकारी कार्यालयों को ध्वस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद कई विभागों के समक्ष कार्यालय संचालन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लाखों और करोड़ों रुपये की लागत से बने भवन अब पूरी तरह से टूट चुके हैं।जानकारी के अनुसार, नए आईटी भवन में सभी प्रमुख कार्यालयों के साथ आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जानी है। इसके लिए पहले से संचालित कार्यालय भवनों को खाली कर तोड़ा गया।

हालांकि, वैकल्पिक व्यवस्था समय पर न होने के कारण कई विभागों का कार्य प्रभावित हो रहा है।बताया गया है कि प्रखंड कार्यालय को फिलहाल पुराने स्वास्थ्य केंद्र भवन में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, शिक्षा विभाग, बाल विकास परियोजना तथा मनरेगा कार्यालय के लिए अब तक समुचित भवन उपलब्ध नहीं हो सका है। इससे इन विभागों के नियमित कार्यों पर असर पड़ रहा है और कर्मचारियों को अस्थायी व्यवस्था में काम करना पड़ रहा है।स्थिति यह है कि हाल ही में लगभग 32 लाख रुपये की लागत से निर्मित मनरेगा भवन को भी कुछ ही दिनों में ध्वस्त किया जाना है।

इस भवन में मनरेगा के अलावा कई अन्य विभाग भी कार्य संचालित करते थे। भवन टूटने के बाद इस विभाग के सामने भी कार्यालय संचालन की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।इस संबंध में मनरेगा पीओ अरुण कुमार ने बताया कि वैकल्पिक भवन उपलब्ध कराने के लिए वरीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्य बाधित न हो, इसके लिए प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपेक्षा है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभागों को कब तक स्थायी कार्यालय उपलब्ध हो पाता है।