चौसा में भीषण अग्निकांड: कंस्ट्रक्शन कंपनी का गोदाम और लैब खाक, ढाई करोड़ की संपत्ति स्वाहा

चौसा के अखौरीपुर गोला स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के यार्ड में सोमवार की देर रात लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। देखते ही देखते आग ने कंपनी के स्टोर रूम और सिविल लैब को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री जलकर राख हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सहमे रहे।

चौसा में भीषण अग्निकांड: कंस्ट्रक्शन कंपनी का गोदाम और लैब खाक, ढाई करोड़ की संपत्ति स्वाहा

__ शॉर्ट सर्किट की आशंका, दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा; रेलवे प्रोजेक्ट का अहम सामान जलकर नष्ट

केटी न्यूज/बक्सर :

चौसा के अखौरीपुर गोला स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के यार्ड में सोमवार की देर रात लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। देखते ही देखते आग ने कंपनी के स्टोर रूम और सिविल लैब को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री जलकर राख हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सहमे रहे।बताया जाता है कि शेखावटी कंस्ट्रक्शन कंपनी रेलवे प्लांट से जुड़े महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में लगी हुई थी। यार्ड में रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री रखी गई थी। देर रात अचानक उठी आग की लपटों ने इन सभी संसाधनों को तेजी से घेर लिया। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही देर में पूरा स्टोर रूम और सिविल लैब धू-धू कर जलने लगे।

कंपनी के कर्मचारियों के अनुसार, आग की चपेट में रेलवे परियोजना में इस्तेमाल होने वाले रबर पैड, सेटअप बॉक्स, एसएनटी बॉक्स, एसपीजी स्विच, लाइनर और पेंट के डिब्बे समेत करीब तीन किलोमीटर तक के फिटिंग सामान नष्ट हो गए। यह सामग्री रेलवे यार्ड और ट्रैक निर्माण के लिए बेहद अहम मानी जाती है, जिससे परियोजना पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और प्लांट प्रबंधन हरकत में आ गया। मौके पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण आग को आसपास के रिहायशी इलाकों में फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

आग के बीच राहत की बात यह रही कि सिविल लैब में रखे दो ऑफिस कंटेनर, दो जेसीबी मशीन और तीन ट्रैक्टर समेत अन्य महंगे उपकरणों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अगर ये उपकरण भी आग की चपेट में आ जाते तो नुकसान और अधिक बढ़ सकता था।प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन दोनों ही सतर्क हो गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।इस अग्निकांड ने न सिर्फ कंपनी को आर्थिक रूप से बड़ा झटका दिया है, बल्कि रेलवे से जुड़े निर्माण कार्यों की गति पर भी असर डालने की आशंका पैदा कर दी है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।