आज दिखेगा चाँद, रमजान कल
पवित्र माह रमजान की शुरुआत गुरुवार से होने की संभावना है। बुधवार की शाम चांद का दीदार होते ही मुस्लिम समाज के लोग पहले रोजे की तैयारी में जुट जाएंगे। रमजान को लेकर जिला समेत चौसा नगर व आसपास के इलाकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजारों में खजूर, फल, सेवई, बेसन, मसाले व अन्य खाद्य सामग्रियों की खरीदारी तेज हो गई है। घरों में सहरी और इफ्तार की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
-- रहमत और सब्र का पैगाम लेकर आ रहा रमजान
केटी न्यूज/ बक्सर
पवित्र माह रमजान की शुरुआत गुरुवार से होने की संभावना है। बुधवार की शाम चांद का दीदार होते ही मुस्लिम समाज के लोग पहले रोजे की तैयारी में जुट जाएंगे। रमजान को लेकर जिला समेत चौसा नगर व आसपास के इलाकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजारों में खजूर, फल, सेवई, बेसन, मसाले व अन्य खाद्य सामग्रियों की खरीदारी तेज हो गई है। घरों में सहरी और इफ्तार की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।रमजान इस्लाम धर्म का सबसे मुकद्दस महीना माना जाता है। यह महीना इबादत, सब्र, त्याग और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। चौसा जामिया मस्जिद के इमाम हाफिज तौकीर ने बताया कि रमजान रहमत और बेशुमार बरकतों का महीना है।

इस माह में एक फर्ज का सवाब 70 गुना तक बढ़ा दिया जाता है। रोजा अल्लाह की खास इबादत है, जिसका बदला खुद अल्लाह अता फरमाते हैं। उन्होंने कहा कि रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि बुराइयों से बचने और जरूरतमंदों की मदद करने का माध्यम भी है।उन्होंने यह भी बताया कि हर बालिग और समझदार मुस्लिम पर रोजा फर्ज है। बिना किसी ठोस वजह के रोजा छोड़ना उचित नहीं माना गया है। रमजान के दौरान लोग नमाज, तरावीह, कुरआन की तिलावत और जकात-अल-फित्र के जरिए जरूरतमंदों की सहायता करते हैं।

