बदलते मौसम में सेहत ही ढाल, नियमित दिनचर्या और व्यायाम से रखें हड्डियां मजबूत - डा. बिरेन्द्र राम
मौसम का बदलता मिजाज केवल तापमान में उतार-चढ़ाव नहीं लाता, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर डालता है। ऐसे संक्रमण काल में सर्दी-खांसी, बुखार, जोड़ों के दर्द और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है, नियमित दिनचर्या और प्रतिदिन व्यायाम। यह कहना है डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बिरेन्द्र राम का।
-- अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव के चिकित्सक डॉ. बिरेन्द्र राम की सलाह “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन”
केटी न्यूज/डुमरांव
मौसम का बदलता मिजाज केवल तापमान में उतार-चढ़ाव नहीं लाता, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर डालता है। ऐसे संक्रमण काल में सर्दी-खांसी, बुखार, जोड़ों के दर्द और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है, नियमित दिनचर्या और प्रतिदिन व्यायाम। यह कहना है डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बिरेन्द्र राम का।शनिवार को अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव में मरीजों का इलाज करने के बाद विशेष बातचीत में डॉ. राम ने कहा कि बदलते मौसम में शरीर को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।

यदि हम समय पर सोने-जागने, संतुलित आहार लेने और नियमित व्यायाम करने की आदत डाल लें तो कई बीमारियों से सहज रूप से बचा जा सकता है।उन्होंने विशेष रूप से हड्डियों की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि कसरत केवल युवाओं के लिए नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए जरूरी है। नियमित हल्का व्यायाम, तेज चाल से चलना, सूर्य नमस्कार या स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां हड्डियों को मजबूत बनाती हैं और जोड़ों के दर्द से राहत देती हैं। उन्होंने बताया कि निष्क्रिय जीवनशैली हड्डियों को कमजोर करती है, जिससे आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया जैसी समस्याएं जन्म ले सकती हैं।

डॉ. राम ने खान-पान को भी स्वास्थ्य की नींव बताया। उन्होंने सलाह दी कि ताजा, पौष्टिक और संतुलित भोजन को प्राथमिकता दें। दूध, दही, हरी सब्जियां, दालें और मौसमी फल शरीर को आवश्यक कैल्शियम और विटामिन प्रदान करते हैं। वहीं फास्ट फूड और अत्यधिक मसालेदार भोजन से परहेज करने की जरूरत है, क्योंकि इसका असर केवल पेट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है।उन्होंने कहा कि जब मौसम में परिवर्तन हो रहा हो, तब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए पर्याप्त पानी पीना, स्वच्छता का ध्यान रखना और नियमित स्वास्थ्य जांच भी लाभकारी है।

डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों के बीच डॉ. राम खासे लोकप्रिय हैं। वे अपने सौम्य व्यवहार और सरल भाषा में समझाने की शैली के लिए जाने जाते हैं। मरीजों को वे केवल दवा देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जीवनशैली में सुधार की सलाह भी देते हैं। उनका मानना है कि दवा से अधिक असर नियमित दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली का होता है।अंत में उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। यदि हम अपनी दिनचर्या सुधार लें और रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, तो न केवल हड्डियां मजबूत रहेंगी, बल्कि संपूर्ण शरीर स्वस्थ रहेगा।”

