ब्रह्मपुर सीएचसी में शिकायतों का अंबार, जवाबदेही पर उठे सवाल

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ब्रह्मपुर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दावों के बीच व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और मरीजों की शिकायतों के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने से अब अस्पताल की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।

ब्रह्मपुर सीएचसी में शिकायतों का अंबार, जवाबदेही पर उठे सवाल

__ शिकायतों के बावजूद नहीं बदली ब्रह्मपुर सीएचसी की तस्वीर

__ ड्यूटी रोस्टर से लेकर मरीजों की सुविधाओं तक सवाल, जांच और कार्रवाई के इंतजार में ग्रामीण

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ब्रह्मपुर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दावों के बीच व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और मरीजों की शिकायतों के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने से अब अस्पताल की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।बताया जाता है कि पूर्व में डीसीएलआर के निरीक्षण के दौरान सीएचसी में पानी, बिजली और शौचालय समेत कई बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई थी। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश भी दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि निरीक्षण के बाद भी जमीनी स्तर पर स्थिति में खास बदलाव नहीं आया।

अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह की नियमित अनुपस्थिति को लेकर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभारी की कथित गैरमौजूदगी से अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है। वहीं, ड्यूटी रोस्टर के अनुपालन को लेकर भी शिकायतें मिलती रही हैं।17 अगस्त को रघुनाथपुर निवासी रामाश्रय सिंह इलाज के लिए सीएचसी पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने उनका इलाज नहीं किया। मामले की सूचना वरीय अधिकारियों को दूरभाष से दी गई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक इसके बाद भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

स्थानीय निवासी सोनू कुमार, मनीष कुमार, रामजी और चंदन ओझा ने अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर इंजरी रिपोर्ट तैयार कराने तक में कथित लेन-देन की शिकायत की है। उनका आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए लोगों को कई बार अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। पूर्व में कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी इंजरी के नाम पर कथित लेन-देन की शिकायत वरीय अधिकारियों से की थी।ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी कर्मियों पर कार्रवाई और सीएचसी की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की है।