नगर परिषद कर्मियों ने डुमरांव में किया प्रदर्शन, मांगें पूरी नहीं होने पर 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मंगलवार को नगर परिषद डुमरांव में बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ शाखा डुमरांव के बैनर तले कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मियों एवं यूनियन नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी को सौंपा।

नगर परिषद कर्मियों ने डुमरांव में किया प्रदर्शन, मांगें पूरी नहीं होने पर 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

__ स्थायीकरण, ठेका प्रथा समाप्त करने और एसीपी/एमएसीपी लाभ समेत 13 सूत्री मांगों को लेकर सौंपा मांग पत्र

केटी न्यूज/डुमरांव 

मंगलवार को नगर परिषद डुमरांव में बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ शाखा डुमरांव के बैनर तले कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मियों एवं यूनियन नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी को सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।यूनियन के नगर इकाई सचिव कॉमरेड शिव शंकर तिवारी ने कहा कि सरकार लगातार मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। नगर निकायों में कार्यरत स्थायी, दैनिक वेतनभोगी, संविदा, आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मियों की समस्याएं कई वर्षों से लंबित हैं।

समय-समय पर सरकार और विभागीय अधिकारियों के समक्ष इन मुद्दों को उठाया गया, कई दौर की वार्ताएं भी हुईं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। किसी भी प्रमुख मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और निराशा बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि पटना उच्च न्यायालय ने भी विभिन्न मामलों में सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद स्थापित कर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका प्रथा के कारण मजदूरों का आर्थिक शोषण हो रहा है और बिचौलिया व्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है। कर्मचारियों के हितों की अनदेखी के कारण अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प रह गया है।

प्रदर्शन के दौरान बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन, बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यव्यापी आंदोलन की जानकारी दी गई। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने 29 जुलाई तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 30 जुलाई से राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और विभागीय प्रशासन की होगी।कर्मचारियों की प्रमुख राज्य स्तरीय मांगों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मियों, संविदा कर्मियों और अन्य अस्थायी कर्मचारियों की सेवा नियमित करना, सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नगर निकायों में ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर कर्मियों को नगर निकाय कर्मचारी का दर्जा देना तथा एसीपी/एमएसीपी योजना का लाभ देना शामिल है।

इसके अलावा स्थानीय स्तर की दस अन्य मांगों को भी मांग पत्र में शामिल किया गया है।मांग पत्र सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के सचिव कॉमरेड शिव शंकर तिवारी, कोषाध्यक्ष कॉमरेड श्रीभगवान पासवान, भाकपा माले नगर सचिव कॉमरेड कृष्णा राम, सर्वेश कुमार पाण्डेय, बाबूलाल राम, शैलेन्द्र पासवान, जाबिर कुरैशी सहित सफाईकर्मी दीपक बस्फोर, रिंकू राम समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।