अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे नगर परिषद के सफाईकर्मी, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग के खिलाफ बुलंद की आवाज
बिहार राज्य स्थानीय नगर निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू संबद्ध) एवं बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर पहले ही दिन डुमरांव नगर परिषद में साफ दिखाई दिया।


__ कामकाज ठप कर धरने पर बैठे कर्मचारी, राजगढ़ चौक तक निकाला मार्च; नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा और वेतन संबंधी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
केटी न्यूज/डुमरांव
बिहार राज्य स्थानीय नगर निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू संबद्ध) एवं बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर पहले ही दिन डुमरांव नगर परिषद में साफ दिखाई दिया। सुबह से ही नगर परिषद के सफाईकर्मी पुराने नगर परिषद कार्यालय परिसर में जुटने लगे और छह बजे तक सभी कर्मियों ने सफाई कार्य पूरी तरह ठप कर नगर पालिका बाजार परिसर में धरना शुरू कर दिया।धरना के दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को साझा करते हुए सरकार और नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां थीं, जिनमें सफाईकर्मियों को नियमित करने, सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, आउटसोर्सिंग रद्द करने, एसीपी/एमएसीपी का लाभ देने, समय पर वेतन भुगतान, ईएसआईसी कार्ड निर्गत करने, लंबित ईपीएफ जमा करने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, वर्दी एवं सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने तथा सम्मानजनक मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं।सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) नगर कमेटी सदस्य सर्वेश कुमार पांडेय ने कहा कि यह संघर्ष केवल सफाईकर्मियों का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था का दुष्प्रभाव आने वाले समय में हर नागरिक को झेलना पड़ सकता है, इसलिए आम लोगों को भी इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए।

बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ की नगर इकाई के सचिव शिव शंकर तिवारी ने कहा कि हड़ताल के दौरान कर्मचारी नगर के विभिन्न चौक-चौराहों पर जाकर लोगों को सरकार की नीतियों और नगर परिषद की कार्यप्रणाली से अवगत कराएंगे।उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर प्रतिमाह करीब 95 लाख रुपये की निकासी होती है, जबकि वास्तविक खर्च 20 लाख रुपये के आसपास ही होता है। उन्होंने शेष राशि के उपयोग पर सवाल उठाते हुए इसकी सार्वजनिक जानकारी देने की मांग की।धरना सभा के बाद सफाईकर्मियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नगर पालिका बाजार से गोला रोड होते हुए राजगढ़ चौक तक मार्च निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। इस दौरान शिव शंकर तिवारी, भगवान पासवान, ओम प्रकाश यादव, शमीम मंसूरी, शैलेन्द्र पासवान, बाबूलाल राम, जाबिर कुरैशी, दीपक बास्फोर, संजय सिंह, जितेंद्र राम सहित बड़ी संख्या में सफाईकर्मी और आंदोलन के समर्थक मौजूद रहे।

