नीतीश कुमार ने अंबेडकर, लोहिया और जेपी के विचारों को जन-जन तक पहूचाया - रत्नेश सदा
राजपुर प्रखंड के धनसोई कॉलेज परिसर में गुरूवार को एनडीए गठबंधन के कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन ने की, जबकि संचालन जदयू अध्यक्ष अशोक सिंह ने किया। सम्मेलन में शामिल नेताओं ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर आगामी चुनाव की तैयारी करने का आह्वान किया। इस दौरान वक्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासपरक नीतियों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी।

-- एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में विपक्ष पर हमला, विकास कार्यों को गिनाया
-- जन सुराज पर करारा प्रहार, नीतीशदृमोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर प्रखंड के धनसोई कॉलेज परिसर में गुरूवार को एनडीए गठबंधन के कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन ने की, जबकि संचालन जदयू अध्यक्ष अशोक सिंह ने किया। सम्मेलन में शामिल नेताओं ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर आगामी चुनाव की तैयारी करने का आह्वान किया। इस दौरान वक्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासपरक नीतियों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी।
पूर्व मंत्री संतोष कुमार निराला ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एनडीए ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया है। जनता का भरोसा और सहयोग मिलने से ही विकास के रास्ते खुले हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आते ही जनता को भ्रमित करने की कोशिश करता है, लेकिन कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सजग रहना होगा।
-- पहले का बिहार और आज का बिहार में बताया अंतर
निबंधन एवं उत्पाद मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि पहले बिहार बदहाल था। सड़क, पुल, अस्पताल और उद्योग धंधे सब अस्त-व्यस्त थे। नीतीश कुमार ने सत्ता संभालने के बाद अंबेडकर, लोहिया और जेपी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने दावा किया कि दलित, महादलित और अल्पसंख्यक समुदायों को सत्ता में भागीदारी देकर समाज में बदलाव की शुरुआत हुई। विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे “दीमक और डेंगू मच्छर” की तरह बिहार को खोखला करना चाहते हैं। जन सुराज पर भी प्रहार करते हुए कहा कि यह “बहरूपिया संगठन” है, जिसने जहां भी साथ दिया, वहां नुकसान ही किया।
-- एकता ही ताकत है
पूर्व राज्यसभा सांसद कहकसा परवीन ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि भेदभाव को भूलकर एकता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने टूटे हुए बिहार को जोड़ा है और पीएम मोदी ने भी बिहार के विकास में अहम योगदान दिया है। वहीं, पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि पिछली गलतियों को दोहराने से बचना होगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 से पहले की सरकार ने आरक्षण का लाभ नहीं दिया, जबकि नीतीश सरकार ने सबको बराबरी का अवसर दिया। राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा ने गठबंधन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि एनडीए एक मुट्ठी की तरह है, जिसे कोई अलग नहीं कर सकता। विपक्ष की तुलना बुझते दीपक से करते हुए कहा कि उनमें अब लड़ाई लड़ने की ताकत नहीं बची है।
-- जननायक का अपमान बर्दाश्त नहीं
वक्ताओं ने लालू-राबड़ी शासनकाल पर भी तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि उस दौर में अपराध चरम पर था और बिहार को दूसरे राज्यों में अपमान झेलना पड़ा। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा गया कि एक “राजकुमार” खुद को जननायक कहलाना चाहते हैं, जबकि असली जननायक कर्पूरी ठाकुर हैं, जिन्हें एनडीए ने भारत रत्न दिलवाया।
-- विकास की गाथा हर गांव तक
सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने गांव-गांव तक विकास की लकीर खींच दी है। उज्ज्वला योजना से घर-घर में गैस पहुंचा, सड़क और बिजली का जाल बिछाया गया। वहीं, सांसद लवली आनंद ने कहा कि पहले बिहार सुरक्षित नहीं था, आज बिहार प्रगति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं को दो राजकुमार पप्पू और गप्पू कहकर तंज कसा और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर लोगों को विपक्ष के बहकावे से बचाएं।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन संजय पटेल ने किया। पूरे सम्मेलन में एनडीए नेताओं का मुख्य संदेश यही रहा कि कार्यकर्ता बूथ स्तर पर मजबूती से डटे रहें और जनता को भ्रम फैलाने वाली ताकतों से सावधान करें।