जायदाद की जिद ने उजाड़ दिया परिवार, पिता की हत्या के बाद भी फरार है आरोपी पुत्र

डुमरांव थाना क्षेत्र के सुरौंधा गांव में संपत्ति विवाद में हुई 74 वर्षीय शिवशंकर तिवारी उर्फ पहलवान तिवारी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। ग्रामीण सूत्रों की मानें तो आरोपी पुत्र शेषनाथ तिवारी उर्फ बब्लू और उसके पिता के बीच जायदाद के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यही विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि गुरुवार को पुत्र ने ही पिता की जान ले ली।

जायदाद की जिद ने उजाड़ दिया परिवार, पिता की हत्या के बाद भी फरार है आरोपी पुत्र

__ नरेला फ्लैट को लेकर बढ़ा था विवाद, छोटे बेटे के नाम एक फ्लैट किए जाने के बाद रिश्तों में आई थी दरार, शनिवार तक पुलिस के हाथ खाली

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव थाना क्षेत्र के सुरौंधा गांव में संपत्ति विवाद में हुई 74 वर्षीय शिवशंकर तिवारी उर्फ पहलवान तिवारी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। ग्रामीण सूत्रों की मानें तो आरोपी पुत्र शेषनाथ तिवारी उर्फ बब्लू और उसके पिता के बीच जायदाद के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यही विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि गुरुवार को पुत्र ने ही पिता की जान ले ली।ग्रामीणों के अनुसार शिवशंकर तिवारी और उनकी पत्नी प्रेमा देवी कुछ दिन पहले दिल्ली गए थे। वहां भी परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद उभरा था। बताया जा रहा है कि दिल्ली के बुद्धा कॉलोनी फेस-टू, नरेला सहित चार जगहों पर शिवशंकर तिवारी ने अपनी मेहनत की कमाई से फ्लैट खरीदे थे।

इनमें से एक फ्लैट माता-पिता ने छोटे बेटे संदीप तिवारी के नाम कर दिया था। इसके बाद से ही बड़े बेटे शेषनाथ की नाराजगी बढ़ गई थी।ग्रामीणों का कहना है कि छोटे भाई के नाम फ्लैट किए जाने के बाद शेषनाथ लगातार नरेला स्थित फ्लैट को अपने नाम कराने की मांग कर रहा था। इसी बात को लेकर उसका माता-पिता से विवाद होता रहता था। परिजनों द्वारा उसकी मांग नहीं माने जाने से वह काफी नाराज चल रहा था। ग्रामीण सूत्रों का दावा है कि यही विवाद गुरुवार की घटना की मुख्य वजह बनी।घटना के बाद से पूरे गांव में मातम के साथ-साथ तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि जिस पिता ने अपनी मेहनत की कमाई से परिवार का भविष्य सुरक्षित करने के लिए संपत्ति बनाई, उसी पिता की जान संपत्ति के विवाद में उसके अपने बेटे ने ले ली।

इधर घटना के बाद शनिवार को भी पुलिस आरोपी पुत्र शेषनाथ तिवारी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस टीम उसके संबंध में जानकारी जुटा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए कुदाल के बेट को पहले ही बरामद कर लिया है। बताया जाता है कि आरोपी ने घटना के बाद उसे गांव के उत्तरी छोर स्थित नदी के पास फेंक दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद किया।शनिवार को भी सुरौंधा गांव और आसपास के इलाकों में पूरे दिन इसी घटना की चर्चा होती रही। ग्रामीणों के बीच कोई इसे पारिवारिक कलह का परिणाम बता रहा है तो कोई संपत्ति विवाद को इस दर्दनाक घटना की वजह मान रहा है। लेकिन हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर जायदाद की चाह में एक बेटा अपने ही पिता का हत्यारा कैसे बन गया।