ओपीडी ठप, इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ा
सहरसा सदर अस्पताल के चिकित्सकों पर हुई विभागीय कार्रवाई के विरोध में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) ने बुधवार की आधी रात से आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। संघ के आह्वान पर राज्यभर के सरकारी चिकित्सक 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

__ सहरसा के चिकित्सकों पर कार्रवाई के विरोध में भासा की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सदर अस्पताल में सिर्फ इमरजेंसी सेवा जारी
केटी न्यूज/बक्सर।
सहरसा सदर अस्पताल के चिकित्सकों पर हुई विभागीय कार्रवाई के विरोध में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) ने बुधवार की आधी रात से आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। संघ के आह्वान पर राज्यभर के सरकारी चिकित्सक 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसका सीधा असर गुरुवार को बक्सर सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिला। अस्पताल की ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। इलाज और जांच की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे मरीजों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही वापस लौटना पड़ा।सुबह से ही सदर अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही रही। दूर-दराज के गांवों से लोग इलाज, दवा और चिकित्सकीय जांच कराने पहुंचे थे।

कई मरीजों को पहले से चिकित्सकों ने जांच के लिए बुलाया था। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद ओपीडी बंद होने की जानकारी मिली तो उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। अचानक सेवा बंद होने से मरीजों के सामने इलाज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही।कई मरीज पैर, हड्डी समेत अन्य बीमारियों का इलाज कराने पहुंचे थे। कुछ मरीज पुराने इलाज को लेकर चिकित्सक से परामर्श लेने आए थे, जबकि कई लोग दवा लिखवाने और जांच रिपोर्ट दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल में ओपीडी सेवा नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा या फिर वापस घर लौटना पड़ा। मरीजों का कहना था कि उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी और वे सुबह ही इलाज की उम्मीद में अस्पताल पहुंचे थे।

दरअसल, सितंबर में सहरसा के एक विद्यालय में भोजन करने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। बच्चों को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान चिकित्सकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। मामले में सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एसके आजाद और डॉ. रोशन लाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। भासा ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए इसका विरोध किया है।संघ ने चिकित्सकों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग को 23 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। निर्धारित समय सीमा तक मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के बाद संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया।

भासा की बक्सर जिला इकाई के सचिव डॉ. संजय कुमार ने बताया कि संघ के निर्णय के अनुसार जिले के सरकारी चिकित्सक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि, हड़ताल के दौरान मरीजों की आपातकालीन चिकित्सा सेवा बाधित नहीं की जाएगी। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में संबंधित वरीय अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।ओपीडी बंद रहने से पहले ही दिन जिस तरह मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी, उससे हड़ताल के लंबा खिंचने पर सामान्य मरीजों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।

