समावेशी शिक्षा पर अभिभावक-शिक्षक बैठक, विद्यालय विकास में समुदाय की भागीदारी पर जोर
शिक्षा विभाग, पटना के निर्देश के आलोक में उच्च माध्यमिक विद्यालय, नुआंव में शनिवार को 'समावेशी शिक्षा : हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण' थीम पर अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. संतोष ओझा ने की।

__ हर बच्चा महत्वपूर्ण' थीम के साथ हुई बैठक, पौधरोपण, अनुशासन और 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने की अपील
केटी न्यूज/डुमरांव
शिक्षा विभाग, पटना के निर्देश के आलोक में उच्च माध्यमिक विद्यालय, नुआंव में शनिवार को 'समावेशी शिक्षा : हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण' थीम पर अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. संतोष ओझा ने की। कार्यक्रम में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान मंजू देवी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक राजू कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक डॉ. संतोष ओझा ने शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए अभिभावकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई, अनुशासन और विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे।

डॉ. ओझा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम की जानकारी देते हुए छात्रों एवं उनके अभिभावकों को पौधरोपण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।बैठक के दौरान छात्रों को त्रैमासिक परीक्षा का परिणाम भी उपलब्ध कराया गया तथा उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर अभिभावकों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य अतिथि मंजू देवी ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास में समुदाय की सहभागिता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए नवपदस्थापित प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय में शुरू की गई शैक्षणिक एवं अनुशासनात्मक पहल की सराहना की।

उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया।विद्यालय के शिक्षकों ने अभिभावकों से छात्रों को विद्यालय में मोबाइल फोन लेकर नहीं भेजने, निर्धारित ड्रेस कोड का पालन कराने तथा न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के सहयोग से ही बच्चों का शैक्षणिक स्तर और विद्यालय का शैक्षिक वातावरण बेहतर बनाया जा सकता है।बैठक में शिक्षक श्रवण कुमार मिश्र, आलोक कुमार, सोनम, नमिता, धर्मेंद्र सिंह, जमाल, चंदन पाल, जयप्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

