बक्सर में एसडीआरएफ टीम की स्थाई प्रतिनियुक्ति, आपदा के समय राहत-बचाव कार्य होंगे तेज

जिले में आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम की स्थाई प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर गुरुवार को बक्सर जिले में एसडीआरएफ टीम की तैनाती की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे जिलेवासियों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

बक्सर में एसडीआरएफ टीम की स्थाई प्रतिनियुक्ति, आपदा के समय राहत-बचाव कार्य होंगे तेज

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम की स्थाई प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर गुरुवार को बक्सर जिले में एसडीआरएफ टीम की तैनाती की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे जिलेवासियों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।जानकारी के अनुसार, छह मार्च को आयोजित बैठक में जिले में एसडीआरएफ टीम को स्थाई रूप से प्रतिनियुक्त करने की मांग की गई थी। बैठक की कार्यवाही के आलोक में आपदा प्रबंधन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था।

विभागीय पत्र प्राप्त होने के बाद गुरुवार को बक्सर जिले में एसडीआरएफ टीम की प्रतिनियुक्ति कर दी गई।प्रशासन ने बताया कि प्रतिनियुक्त एसडीआरएफ टीम जिला पदाधिकारी के दिशा-निर्देशों के तहत आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करेगी। इससे बाढ़, नदी दुर्घटनाओं तथा अन्य आपात स्थितियों में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।आगामी प्रमुख त्योहारों को देखते हुए एसडीआरएफ टीम को रामरेखा घाट, नाथ बाबा घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर भी तैनात किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे पर्व-त्योहारों के दौरान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत कार्य संभव हो सकेगा।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गृह रक्षा वाहिनी के प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद उक्त स्थल पर एसडीआरएफ टीम के लिए स्थाई आवासन की व्यवस्था भी निर्धारित कर दी गई है। गुरुवार को अपर समाहर्ता तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी बक्सर द्वारा उक्त स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।जिला प्रशासन का कहना है कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीआरएफ टीम की स्थाई प्रतिनियुक्ति करना जिलेवासियों के लिए राहत भरी खबर है। इससे भविष्य में किसी भी आपदा के समय बचाव एवं राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।