अधूरी सड़कों पर सियासत तेज, पूर्व विधायक ने सरकार से मांगा जवाब

डुमरांव विधानसभा क्षेत्र में अधूरी पड़ी सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की धीमी प्रगति को जनता के साथ अन्याय बताया।

अधूरी सड़कों पर सियासत तेज, पूर्व विधायक ने सरकार से मांगा जवाब

__ 257 करोड़ की 230 सड़क योजनाओं का कार्य पूरा नहीं होने का आरोप, बाईपास और आरओबी जैसी परियोजनाओं की प्रगति पर भी उठाए सवाल

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव विधानसभा क्षेत्र में अधूरी पड़ी सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की धीमी प्रगति को जनता के साथ अन्याय बताया।प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग से संबंधित एग्रीमेंट दस्तावेज सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच उनके प्रयासों से डुमरांव विधानसभा क्षेत्र में 230 सड़कों के निर्माण एवं पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिली थी। इनमें 203 जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण की योजनाएं शामिल थीं, जिनकी कुल लंबाई 411.90 किलोमीटर और अनुमानित लागत करीब 257.70 करोड़ रुपये है।

उन्होंने बताया कि मई 2025 में इन योजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूरी कर विभिन्न एजेंसियों को कार्य आवंटित कर दिया गया था। एग्रीमेंट के अनुसार अधिकांश परियोजनाओं को एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाना था, लेकिन समयसीमा समाप्त होने के बावजूद कई सड़कें अब भी अधूरी हैं।पूर्व विधायक ने बक्सर-आरा एनएच-84 से गजरावां मार्ग, कृष्णाब्रह्म-गिरधर बरांव सड़क, एनएच-30 से रूपसागर मार्ग, ढकाईच-कोरानसराय पुल सड़क, केसठ बस स्टैंड से सोनवर्षा मार्ग तथा नावानगर-धवई-उसरा सड़क समेत कई परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी धीमी गति से आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय उदासीनता और प्रशासनिक निगरानी की कमी के कारण ठेकेदार निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं कर रहे हैं। कई योजनाओं की समयसीमा समाप्त होने के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।डॉ. सिंह ने डुमरांव बाईपास, रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) और अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण जैसे कार्यों की प्रगति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से लंबित परियोजनाओं की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जनता को विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने की मांग की।