अपराध पर प्रशासन का कड़ा प्रहाररू अभियोजन की मासिक समीक्षा में सजा दर बढ़ाने पर जोर
जिले में अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में अभियोजन की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्वरित विचारण एवं सामान्य अभियोजन से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए दोषियों को समयबद्ध और कड़ी सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।
-- जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में हुई बैठक, दिसंबर 2025 में सैकड़ों मामलों का निष्पादन, फरार अभियुक्तों पर सख्ती के निर्देश
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में अभियोजन की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्वरित विचारण एवं सामान्य अभियोजन से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए दोषियों को समयबद्ध और कड़ी सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में त्वरित विचारण के अंतर्गत जगन्य अपराध से संबंधित 2 मामलों, शस्त्र अधिनियम के 2 मामलों तथा एनडीपीएस अधिनियम के 2 मामलों सहित कुल 6 वादों में सजा सुनिश्चित की गई।

वहीं सामान्य अभियोजन के तहत दिसंबर माह में जघन्य अपराध के 19 मामले, शस्त्र अधिनियम के 48 मामले, पॉक्सो अधिनियम के 10 मामले, एससी-एसटी एक्ट का 1 मामला तथा उत्पाद अधिनियम के रिकॉर्ड 329 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसे प्रशासन ने बड़ी उपलब्धि बताया।समीक्षा के दौरान विशेष लोक अभियोजक (उत्पाद अधिनियम) अवधेश राय ने जिले के चर्चित मुरार थाना कांड संख्या 10/2022 का जिक्र करते हुए बताया कि इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और निर्णय की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि त्वरित विचारण के अंतर्गत कुल 7 मामलों में अभियुक्तों के सजा के समय फरार हो जाने के कारण फैसला सुनाया नहीं जा सका है।

न्यायालय द्वारा इन अभियुक्तों के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया जा चुका है और गिरफ्तारी होते ही सजा सुनाई जाएगी।जिलाधिकारी साहिला ने बैठक में उपस्थित सभी अभियोजन पदाधिकारियों, लोक अभियोजकों एवं अपर लोक अभियोजकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक माह अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन कर दोषी अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इससे अपराधी प्रवृत्ति के लोगों में भय का माहौल बनेगा और समाज में कानून का संदेश मजबूती से जाएगा, जिससे आम नागरिक अमन-चौन के साथ जीवन व्यतीत कर सकेगा।

उन्होंने यह भी दोहराया कि जिला प्रशासन अभियोजन कार्य को सशक्त बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है। साथ ही अभियोजन पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक अभियुक्तों को सजा दिलाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएं।बैठक में पुलिस पदाधिकारियों, सिविल सर्जन बक्सर एवं अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि गवाहों की गवाही और उनकी उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि त्वरित विचारण के माध्यम से मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।लोक अभियोजक एवं अभियोजन पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक माह अपने स्तर पर अपर लोक अभियोजकों एवं सहायक अभियोजन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर वादों के निष्पादन में तेजी लाएं।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक बक्सर, अपर समाहर्ता सह प्रभारी जिला विधि शाखा, जिला अभियोजन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी, पुलिस अभियोजन शाखा के प्रभारी, सिविल सर्जन के प्रतिनिधि, लोक अभियोजक, सरकारी अधिवक्ता एवं सभी अपर लोक अभियोजक उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश गया कि बक्सर जिला प्रशासन अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
