घटिया निर्माण से किसानों की सिंचाई पर संकट
डुमरांव रजवाहा में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर अब राजनीतिक और ग्रामीण स्तर पर विरोध तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता सह डुमरांव विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुनील कुमार यादव उर्फ पप्पू यादव ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।


__ डुमरांव रजवाहा में अनियमितता का आरोप, पूर्व प्रत्याशी पप्पू यादव बोले— “जांच नहीं हुई तो होगा आंदोलन”
केटी न्यूज/केसठ।
डुमरांव रजवाहा में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर अब राजनीतिक और ग्रामीण स्तर पर विरोध तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता सह डुमरांव विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुनील कुमार यादव उर्फ पप्पू यादव ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।राजद नेता ने आरोप लगाया कि डुमरांव रजवाहा में बनाई जा रही गार्ड वाल निर्माण मानकों की खुली अनदेखी कर तैयार की जा रही है।निर्माण में दोयम दर्जे की ईंटों और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे इसकी मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह रजवाहा इलाके के हजारों किसानों की सिंचाई व्यवस्था की रीढ़ है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।पप्पू यादव ने कहा कि अगर अभी गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो आने वाले दिनों में गार्ड वाल क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य की तत्काल तकनीकी जांच कर दोषी एजेंसी और संबंधित ठेकेदार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही घटिया सामग्री को हटाकर मानक के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से दोबारा निर्माण कराया जाए।उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

--नहर खुदाई पर भी उठे सवाल
राजद नेता ने केवल गार्ड वाल निर्माण ही नहीं, बल्कि नहर की खुदाई कार्य पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि खुदाई कार्य भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। झाड़ियों की सफाई के नाम पर नहर किनारे की मिट्टी की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।ग्रामीणों का कहना है कि जेसीबी मशीनों से की जा रही मिट्टी कटाई के कारण नहर के समानांतर बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर खतरा मंडराने लगा है। लोगों को आशंका है कि बरसात शुरू होते ही कटी हुई मिट्टी सड़क पर खिसक जाएगी, जिससे सड़क धंसने और आवागमन बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा।

स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई कि कटाई की गई मिट्टी बारिश के दौरान नहर में गिर सकती है, जिससे रजवाहा जाम होने का खतरा पैदा हो जाएगा। इसका सीधा असर आगे के गांवों तक सिंचाई के पानी की आपूर्ति पर पड़ेगा और किसानों को खेती के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।मामले को लेकर अब क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। ग्रामीणों और किसानों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।

